सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला: बिहार में खुलेंगे 5 नए विश्वविद्यालय, 4 जिलों में चमचमाएंगे कोर्ट भवन, छपरा को ₹76 करोड़ की सौगात
पटना। बिहार को विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ बुधवार को मुख्य सचिवालय के कैबिनेट हॉल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। नीतीश-सम्राट सरकार की इस हाई-प्रोफाइल बैठक में राज्य के विकास की रफ्तार तेज करने वाले कई दूरगामी और बड़े प्रस्तावों पर आधिकारिक मुहर लगा दी गई है। इस बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री और कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रियों ने भाग लिया, जिसमें मुख्य रूप से शिक्षा, न्याय और शहरी विकास से जुड़े एजेंडों को हरी झंडी दिखाई गई।
बिहार कैबिनेट ने राज्य के छात्रों को स्थानीय स्तर पर ही वैश्विक स्तर की उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 5 नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और उनके संचालन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत शांजा विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। एक नए अत्याधुनिक निजी विश्वविद्यालय को हरी झंडी। एस.ए. विश्वविद्यालय का संचालन किया जाएगा। हिमालय विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी। सीतयोग विश्वविद्यालय के संचालन का रास्ता साफ। इन विश्वविद्यालयों के खुलने से राज्य से मेधावी छात्रों का पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे। आम जनता को सुलभ और त्वरित न्याय दिलाने तथा अदालतों के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए कैबिनेट ने चार महत्वपूर्ण अनुमंडलों और जिलों में नए न्यायालय भवनों के निर्माण के लिए ₹164.77 करोड़ की भारी-भरकम प्रशासनिक स्वीकृति दी है। 20 नए कोर्ट भवनों के निर्माण के लिए ₹53.02 करोड़ मंजूर। 15 भव्य कोर्ट भवनों के निर्माण के लिए ₹39.04 करोड़ स्वीकृत। 10 कोर्ट भवन, एमेनिटी (सुविधा) भवन और हाजत निर्माण हेतु ₹38.38 करोड़ की मंजूरी। 10 कोर्ट भवन, एमेनिटी व आधुनिक हाजत परिसर के लिए ₹34.33 करोड़ की स्वीकृति। शहरी विकास और स्वच्छता को नया आयाम देते हुए कैबिनेट ने 'अमृत 2.0' योजना के अंतर्गत छपरा सीवरेज नेटवर्क परियोजना के लिए ₹76.48 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस ड्रीम प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से छपरा शहर की ड्रेनेज और जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ हो जाएगी, जिससे जलजमाव से मुक्ति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर एवं स्वच्छ शहरी वातावरण का लाभ मिलेगा। बैठक के दौरान पिछले सप्ताह लिए गए 29 महत्वपूर्ण एजेंडों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 'हेली टूरिज्म और टूरिज्म सेवा योजना 2026' को पूरी तरह लागू करने की बात दोहराई, जिसके तहत मात्र ₹2100 में शनिवार और रविवार को पर्यटक वाल्मीकि नगर, मां मुंडेश्वरी मंदिर और राजगीर की वादियों की हवाई सैर कर सकेंगे। इसके साथ ही, सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा के लिए प्रति यात्री ₹20,000 की वित्तीय सहायता और राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में सीधे नियुक्त करने वाली 2023 की नियमावली में किए गए संशोधनों पर भी तेजी से काम करने का निर्देश दिया गया। कैबिनेट के इन चौतरफा फैसलों से पूरे राज्य में विकास की एक नई बयार बहने की उम्मीद जताई जा रही है।