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महिलाओं के समग्र विकास पर बड़ा फैसला: उत्तराखंड की पहली महिला नीति को सचिव समिति से मंजूरी, ग्राम स्तर से लेकर राज्य स्तर तक सशक्त भागीदारी की तैयारी

editor
  • Awaaz Desk
  • May 04, 2026 09:05 AM
Major decision on overall development of women: Uttarakhand's first women's policy approved by the Secretary's Committee, preparation for strong participation from village level to state level

देहरादून। उत्तराखंड में महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य की पहली महिला नीति के प्रारूप को सचिव समिति ने मंजूरी दे दी है। अब इस महत्वपूर्ण नीति को अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही यह नीति पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी, जिससे महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार महिला नीति का प्रारूप व्यापक सोच और दूरदर्शिता के साथ तैयार किया गया है, जिसमें महिलाओं के समग्र विकास को केंद्र में रखा गया है। इस नीति के तहत ग्रामीण स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ग्राम पंचायतों में महिला सभाओं के नियमित आयोजन की सिफारिश की गई है। इसका उद्देश्य महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना और उनकी आवाज को सशक्त मंच प्रदान करना है। नीति में अनुसूचित जाति, जनजाति और कामकाजी महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को कम करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह नीति राज्य में महिला सशक्तीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। महिला नीति के साथ ही एक विस्तृत एक्शन प्लान भी तैयार किया जा रहा है, जिसे महाराष्ट्र की महिला नीति के आधार पर विकसित किया जा रहा है। महाराष्ट्र मॉडल में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति के गठन का प्रावधान है, जिसमें महिला एवं बाल विकास मंत्री समेत अन्य वरिष्ठ मंत्री शामिल होते हैं। यह समिति नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और समय-समय पर उसकी समीक्षा सुनिश्चित करती है। उत्तराखंड में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू किए जाने पर विचार किया जा रहा है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बीएल राणा ने बताया कि नीति का प्रारूप तैयार कर सचिव समिति से मंजूरी प्राप्त कर ली गई है और अब इसे जल्द ही कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि महिला नीति के लागू होने से राज्य की महिलाएं सामाजिक, आर्थिक, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अधिक सशक्त बनेंगी।


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