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उत्तराखंड चारधाम यात्रा से पहले सरकार का बड़ा कदम, एलपीजी के लिए एसओपी जारी, रोज मिलेंगे 2650 कमर्शियल सिलिंडर

editor
  • Tapas Vishwas
  • March 17, 2026 11:03 AM
Major Government Move Ahead of Uttarakhand's Char Dham Yatra: SOP Issued for LPG; 2,650 Commercial Cylinders to be Supplied Daily.

देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा और बढ़ती मांग के बीच उत्तराखंड सरकार ने कमर्शियल एलपीजी गैस की किल्लत को दूर करने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव आनंद स्वरूप ने व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। इसके तहत प्रदेश में प्रतिदिन 2650 कमर्शियल गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। दरअसल, पिछले कुछ समय से होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा था। वहीं वर्तमान में शीतकालीन यात्रा जारी है और अगले माह से चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है। ऐसे में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हितधारकों ने गैस की कमी को लेकर चिंता जताई थी। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए यह एसओपी लागू की है।

एसओपी के अनुसार, राज्य की तीन प्रमुख तेल एवं गैस कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड अपनी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार कमर्शियल गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी। इन कंपनियों को जिलाधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर नियमित आपूर्ति की जानकारी भी साझा करनी होगी। यह एसओपी पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है। इसके तहत अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए कुल उपलब्धता का 20 प्रतिशत हिस्सा दैनिक जरूरतों के लिए निर्धारित किया गया है। राज्य स्तरीय समिति और जिलाधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद सभी संबंधित पक्षों की सहमति से यह निर्णय लिया गया है। जिलेवार वितरण भी तय किया गया है, जिसमें देहरादून को सबसे अधिक 31 प्रतिशत सिलिंडर आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा हरिद्वार और नैनीताल को 13-13 प्रतिशत, ऊधमसिंह नगर को 9 प्रतिशत, चमोली को 6 प्रतिशत और अन्य जिलों को उनकी आवश्यकता के अनुसार हिस्सा दिया गया है। विभिन्न क्षेत्रों के लिए भी सिलिंडरों का कोटा निर्धारित किया गया है। इसके तहत होटल एवं रिजॉर्ट को रोजाना 750, रेस्टोरेंट एवं ढाबों को 1000, फार्मास्यूटिकल कंपनियों को 190, सरकारी गेस्टहाउस को 150, औद्योगिक कैंटीन को 150, डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को 130, छात्र आवास (पेइंग गेस्ट) को 150 और होम स्टे व स्वयं सहायता समूहों को 130 सिलिंडर प्रतिदिन उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से पर्यटन और व्यवसायिक गतिविधियों पर पड़ने वाला असर कम होगा और चारधाम यात्रा के दौरान गैस आपूर्ति सुचारू बनी रहेगी।


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