फार्मेसी परीक्षा ड्यूटी में बड़ा खेल! अनियमितता और अवैध वसूली के आरोपों पर मुख्यमंत्री से जांच की मांग, प्रयोगात्मक परीक्षा में ड्यूटी आवंटन पर उठे सवाल
लखनऊ/अयोध्या। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने फार्मेसी की प्रयोगात्मक परीक्षा में ड्यूटी आवंटन में कथित अनियमितताओं और अवैध वसूली के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया है कि प्राविधिक शिक्षा परिषद में परीक्षा संबंधी कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और नियमों की अनदेखी की जा रही है।एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार ने बताया कि वर्ष 2024 में भी प्रयोगात्मक परीक्षा की ड्यूटी लगाने में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। उस समय संगठन द्वारा संबंधित विभागों और अधिकारियों को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा कि पूर्व में परिषद की ओर से यह व्यवस्था लागू की गई थी कि लिखित परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों को ही प्रयोगात्मक परीक्षा की ड्यूटी में प्राथमिकता दी जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, वर्तमान में भी परिषद के सचिव डॉ. संतोष कुमार सिंह द्वारा इसी व्यवस्था का पालन किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन ड्यूटी सूची जारी होने के बाद कई ऐसे शिक्षक सामने आए हैं जिन्होंने लिखित परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन किया था, फिर भी उन्हें प्रयोगात्मक परीक्षा की ड्यूटी नहीं दी गई। इससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिव कुमार ने आरोप लगाया कि सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा ड्यूटी निर्धारण में नियमों की अनदेखी की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रयोगात्मक परीक्षा की कॉपियों के आवंटन में संस्थानों से प्रति संस्था 500 रुपये तक की अवैध वसूली की गई। संगठन का आरोप है कि परिषद कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है और विभिन्न कार्यों के लिए खुलेआम धन उगाही की जा रही है।एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पात्र शिक्षकों को प्रयोगात्मक परीक्षा की ड्यूटी देने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।