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बिहार में निवेश की बड़ी छलांग: 16 कंपनियां करेंगी 1,476 करोड़ का निवेश, 40 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 15, 2026 07:07 AM
Major leap in investment in Bihar: 16 companies to invest ₹1,476 crore; over 40,000 youths to get employment.

पटना। बिहार उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में एक नई उड़ान भरने की तैयारी में है। देश के सबसे बड़े वैश्विक वस्त्र एवं परिधान आयोजन 'भारत टेक्स 2026' के पहले ही दिन राज्य सरकार ने 16 कंपनियों के साथ 1,476 करोड़ रुपये के निवेश के लिए समझौता (एमओयू) किया है। इन निवेश प्रस्तावों से राज्य में 40,500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इसे बिहार के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित चार दिवसीय भारत टेक्स 2026 का उद्घाटन केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने किया। इस आयोजन में बिहार को पार्टनर स्टेट के रूप में विशेष स्थान मिला है। बिहार पवेलियन का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और बिहार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर राज्य की औद्योगिक संभावनाओं, निवेश-अनुकूल नीतियों और टेक्सटाइल क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों को देश-विदेश के निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया गया।

केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार तेजी से देश के उभरते हुए टेक्सटाइल हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विकसित 'प्लग एंड प्ले' जैसी आधुनिक औद्योगिक सुविधाओं ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। बेहतर बुनियादी ढांचे, उद्योग-अनुकूल नीतियों और प्रशासनिक सहयोग के कारण बड़ी कंपनियां अब बिहार में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार आज टेक्सटाइल और परिधान निर्माण के क्षेत्र में देश के सबसे संभावनाशील राज्यों में शामिल हो चुका है। राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के साथ-साथ पारंपरिक शिल्प और हस्तकरघा उद्योग को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति, निवेशकों को दी जा रही सुविधाएं और कुशल मानव संसाधन बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने बताया कि भारत टेक्स 2026 जैसे वैश्विक मंच से बिहार के उद्योगों को नए बाजार मिलेंगे और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ व्यापारिक साझेदारियां मजबूत होंगी। इससे राज्य के उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलने के साथ-साथ निर्यात में भी बढ़ोतरी होगी। सरकार का मानना है कि इन निवेश प्रस्तावों से न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन कम करना पड़ेगा और उन्हें अपने ही राज्य में बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। गौरतलब है कि बिहार सरकार ने वर्ष 2030 तक एक करोड़ रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी रणनीति के तहत राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने, निजी निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। टेक्सटाइल और परिधान उद्योग को इस अभियान का प्रमुख आधार माना जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र कम समय में बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन एमओयू को तय समय पर धरातल पर उतारा गया, तो बिहार की औद्योगिक तस्वीर बदल सकती है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी, निवेश का माहौल मजबूत होगा और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। भारत टेक्स 2026 में मिली यह सफलता बिहार को देश के प्रमुख औद्योगिक और टेक्सटाइल केंद्रों की कतार में खड़ा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


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