उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में पेपर लीक का बड़ा खुलासा: दो परीक्षाएं रद्द,12 इंजीनियरिंग कॉलेजों के हजारों छात्र प्रभावित,प्रोफेसर पर 7 साल का प्रतिबंध
देहरादून। देशभर में पेपर लीक को लेकर जारी विवाद और छात्रों के आक्रोश के बीच उत्तराखंड से भी परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सेमेस्टर परीक्षा के दो प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही लीक हो गए। मामले की पुष्टि होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। इस फैसले से विश्वविद्यालय से संबद्ध 12 इंजीनियरिंग संस्थानों के हजारों छात्र प्रभावित हुए हैं, जिन्हें अब दोबारा परीक्षा देनी होगी। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी.के. पटेल ने प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि करते हुए बताया कि 'मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स' और 'इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड थ्योरी' विषयों की परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं। इन विषयों की नई परीक्षा अगस्त के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। नई तिथियों और परीक्षा केंद्रों की घोषणा बाद में की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, परीक्षा से पहले ही इन दोनों विषयों के प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुंचने की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति के निर्देश पर तत्काल जांच समिति गठित की गई। समिति ने पूरे घटनाक्रम की जांच करते हुए संबंधित कॉलेजों और अधिकारियों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि एक इंजीनियरिंग कॉलेज में कार्यरत प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र से जुड़े कई सवाल छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किए थे। बताया गया कि परीक्षा होने के बाद छात्रों ने देखा कि व्हाट्सएप पर साझा किए गए वही प्रश्न प्रश्नपत्र में भी मौजूद थे। इसके बाद किसी अज्ञात व्यक्ति ने विश्वविद्यालय और संबंधित इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशकों को ई-मेल भेजकर पूरे मामले की शिकायत की। शिकायत के आधार पर पहले कॉलेज स्तर पर आंतरिक जांच कराई गई, जिसमें पेपर लीक की पुष्टि हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय ने भी स्वतंत्र जांच कराई और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोनों परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले में जिम्मेदार माने गए प्रोफेसर के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है। उन्हें अगले सात वर्षों तक परीक्षा से जुड़े किसी भी कार्य में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम उठाने की बात कही गई है। पेपर लीक की इस घटना का सीधा असर उन हजारों विद्यार्थियों पर पड़ा है, जिन्होंने इन दोनों विषयों की परीक्षाएं पहले ही दे दी थीं। अब उन्हें दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी होगी। इससे छात्रों में निराशा और असंतोष का माहौल है। कई छात्रों का कहना है कि उनकी मेहनत पर पानी फिर गया और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देशभर में प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर बहस तेज है। उत्तराखंड भी पहले कई भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक के मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में तकनीकी विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाओं में भी प्रश्नपत्र लीक होना शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन नई परीक्षा की तैयारियों में जुट गया है। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है, ताकि यदि इस प्रकरण में अन्य लोगों की भी संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सके। इस घटना ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।