बिहार बीजेपी में बड़ा सियासी 'मिलन': पूर्व सांसद अर्जुन राय समेत कई दिग्गज नेताओं ने थामा कमल, विपक्ष को बड़ा झटका
पटना। बिहार की राजनीति में रविवार को उस समय बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला, जब विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े कई प्रमुख नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में पूर्व सांसद डॉ. अर्जुन राय समेत कई चर्चित नेताओं ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसे विपक्ष के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने सभी नए सदस्यों का अंगवस्त्र पहनाकर पार्टी में स्वागत किया और उन्हें औपचारिक रूप से सदस्यता दिलाई। समारोह में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक रूप से खास बना दिया। भाजपा में शामिल होने वालों में सीतामढ़ी के पूर्व सांसद डॉ. अर्जुन राय सबसे प्रमुख चेहरा रहे। उनके अलावा कांग्रेस के सुरसंड विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी एवं सीतामढ़ी के पूर्व लोक अभियोजक विमल शुक्ला, औराई प्रमुख साकेत सुमन, रूनी सैदपुर से कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी मोनी गुप्ता, गया के वार्ड पार्षद मनोज कुमार गुप्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष गिरी तथा पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता विकास एन. भारती भी अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हुए।इसके अतिरिक्त सामाजिक कार्यकर्ता एवं बांकीपुर विधानसभा से प्रत्याशी रहे सिकंदर कुमार कुशवाहा, जिन्होंने भाजपा प्रत्याशी के समर्थन की घोषणा की थी, कुढ़नी विधानसभा के पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी अशोक कुमार गुप्ता, पूर्व मेयर प्रत्याशी कुसुमलता वर्मा और पैक्स अध्यक्ष सुधीर प्रसाद ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इन नेताओं के साथ आए समर्थकों की संख्या ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, भाजपा की विचारधारा और बिहार में डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों से प्रभावित होकर विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता लगातार भाजपा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों के समर्पित कार्यकर्ताओं को अब अपनी पार्टियों में भविष्य नहीं दिख रहा है, इसलिए वे भाजपा की नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा जता रहे हैं। संजय सरावगी ने कहा कि लगभग हर एक-दो दिन में अलग-अलग क्षेत्रों से सैकड़ों लोग भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं। इससे पार्टी का संगठन बूथ स्तर तक लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए नेताओं का अनुभव, सामाजिक प्रभाव और जनाधार भाजपा को आगामी चुनावों में और मजबूती प्रदान करेगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में उभरा है। वहीं बिहार में डबल इंजन की सरकार विकास, आधारभूत संरचना, निवेश और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से राज्य को नई दिशा देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा विकास, सुशासन और राष्ट्रहित की राजनीति के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और जनता का विश्वास लगातार पार्टी के पक्ष में मजबूत होता जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेताओं का भाजपा में शामिल होना बिहार की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत हो सकता है। विशेष रूप से सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, गया और पटना जैसे क्षेत्रों में इन नेताओं की राजनीतिक पकड़ को देखते हुए भाजपा को संगठनात्मक स्तर पर मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है। भाजपा की ओर से इसे संगठन विस्तार का बड़ा अभियान बताया जा रहा है, जबकि विपक्ष इस घटनाक्रम पर अपनी रणनीति तैयार करने में जुटा है। आने वाले दिनों में यदि इसी तरह अन्य दलों के नेता भी भाजपा का रुख करते हैं, तो बिहार की सियासत में इसका असर और अधिक व्यापक दिखाई दे सकता है। फिलहाल, पूर्व सांसद अर्जुन राय समेत कई प्रमुख नेताओं का भाजपा में शामिल होना राज्य की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।