भीमताल में दहशत के बीच बड़ी राहत: मोरा गांव में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार
भीमताल। नैनीताल जिले के भीमताल क्षेत्र में पिछले कई दिनों से आतंक का पर्याय बने गुलदार को पकड़ने में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार तड़के मोरा गांव में लगाए गए पिंजरे में एक गुलदार कैद हो गया। इस खबर के फैलते ही क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, हालांकि वन विभाग अभी इस बात की पुष्टि करने में जुटा है कि क्या यह वही आदमखोर है जिसने हाल ही में तीन लोगों की जान ली थी।
गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह से भीमताल के मोरा, भदयूनी, सूर्याजाला और ज्योली गांवों में मातम और खौफ पसरा हुआ था। छह दिन पहले भदयूनी गांव के रहने वाले युवक कमल सिंह बिष्ट को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया था। इससे पूर्व सूर्याजाला और ज्योली गांवों में भी दो महिलाओं को इसी हिंसक वन्यजीव ने अपना शिकार बनाया था। एक के बाद एक तीन मौतों से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को आदमखोर घोषित कर पकड़ने की मांग की थी। घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ आकाश गंगवार के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने प्रभावित गांवों में गश्त बढ़ा दी थी और जगह-जगह आधुनिक पिंजरे लगाए थे। विभाग की यह रणनीति काम आई और अंततः मोरा गांव में लगाया गया पिंजरा गुलदार की दहाड़ से गूंज उठा। डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया, "वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के बाद हमने तत्काल पिंजरे सक्रिय किए थे। आज एक गुलदार पकड़ा गया है, जिसे रेस्क्यू सेंटर भेजा जा रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पकड़ा गया गुलदार वही आदमखोर है जिसने लोगों पर हमला किया था। इसकी पुष्टि विशेषज्ञों की जांच और पदचिह्नों के मिलान के बाद ही हो पाएगी। फिलहाल, विभाग ने क्षेत्र में निगरानी कम नहीं की है। जब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो जाती, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।