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होर्मुज संकट के बीच भारत को बड़ी राहत: दो और एलपीजी टैंकर सुरक्षित रवाना, सरकार ने कहा-घबराएं नहीं, पर्याप्त है स्टॉक 

editor
  • Tapas Vishwas
  • March 29, 2026 01:03 PM
Major Relief for India Amidst Hormuz Crisis: Two More LPG Tankers Depart Safely; Government Says—Do Not Panic, Stocks Are Adequate

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न सामरिक संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हुए रसोई गैस से लदे दो और विशाल टैंकर सुरक्षित रास्ता पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 'बीडब्ल्यू टीवाईआर' और 'बीडब्ल्यू ईएलएम' नामक दो एलपीजी जहाज लगभग 94 हजार टन गैस लेकर होर्मुज के संवेदनशील क्षेत्र को पार कर चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, बीडब्ल्यू टीवाईआर 31 मार्च तक मुंबई बंदरगाह पहुंचेगा, जबकि बीडब्ल्यू ईएलएम अप्रैल के पहले सप्ताह तक न्यू मैंगलोर पहुंचेगा। ये टैंकर भारत की एक दिन की कुल रसोई गैस की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त ईंधन लेकर आ रहे हैं। इससे पहले भी चार भारतीय टैंकर पाइन गैस, जग वसंत, एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी लगभग 92,612 टन गैस लेकर गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों पर सुरक्षित पहुंच चुके हैं, जिससे घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को बड़ी मजबूती मिली है। भारत अपनी रसोई गैस की कुल जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात से पूरा करता है। पिछले वर्ष देश में 33.15 मिलियन टन एलपीजी की खपत हुई, जिसका 90 प्रतिशत हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। होर्मुज जलडमरूमध्य वह संकरा समुद्री मार्ग है जहां से विश्व की अधिकांश तेल और गैस सप्लाई गुजरती है। इस रास्ते में व्यवधान का सीधा असर भारत के करोड़ों चूल्हों पर पड़ता है। संकट को देखते हुए भारत अब अमेरिका और अर्जेंटीना जैसे वैकल्पिक देशों से भी गैस मंगाकर अपनी निर्भरता को विविधता दे रहा है। गैस और ईंधन की कमी की अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। वर्तमान में रोजाना 55 लाख से ज्यादा सिलेंडरों की होम डिलीवरी की जा रही है। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे घबराकर खरीदारी न करें। सरकार ने ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने और घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। साथ ही, घरेलू उपयोग और परिवहन के लिए 100 प्रतिशत गैस सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। उद्योगों को दी जाने वाली गैस में कटौती कर उसे घरेलू क्षेत्र की ओर मोड़ा गया है ताकि आम जनता को असुविधा न हो। राहत के बावजूद खतरा पूरी तरह टला नहीं है। डीजी शिपिंग के अनुसार, अभी भी 18 भारतीय जहाज और 485 नाविक फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में मौजूद हैं। सरकार 24 घंटे स्थिति पर नजर रख रही है और अब तक 900 से अधिक नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। फिलहाल देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर परिचालन सामान्य बना हुआ है।


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