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झुलसती गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत: 4 जून को केरल में दस्तक देगा दक्षिण-पश्चिम मानसून

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 03, 2026 10:06 AM
Major Relief from Scorching Heat: Southwest Monsoon to Arrive in Kerala on June 4

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, चिलचिलाती धूप और उमस से बेहाल करोड़ों नागरिकों के लिए आखिरकार राहत की सबसे बड़ी और सुहानी खबर आ गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने घोषणा की है कि इस साल का दक्षिण-पश्चिम मानसून आगामी 4 जून को केरल के तट पर दस्तक दे सकता है। केरल में एंट्री के साथ ही देश में चार महीने लंबे मानसूनी सीजन (जून से सितंबर) की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी, जो तपती धरती को शांत करने और मुरझाए चेहरों पर मुस्कान लाने का काम करेगी।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार,मानसून की अरब सागर शाखा तेजी से आगे बढ़ रही है और इसके लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। 4 जून को केरल में कदम रखने के बाद, मानसूनी हवाएं धीरे-धीरे दक्षिण भारत के अन्य राज्यों जैसे तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ेंगी। आईएमडी का अनुमान है कि मानसून की इस सधी हुई प्रगति के चलते जून के दूसरे और तीसरे हफ्ते तक दक्षिण भारत से लेकर मध्य और उत्तर भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा। प्री-मानसून गतिविधियों के कारण कई राज्यों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। भारत में मानसून सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन की 'लाइफलाइन' है। देश की आधी से अधिक कृषि भूमि सीधे तौर पर मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। ऐसे में मानसून के समय पर आने के संकेतों ने देश के करोड़ों किसानों में नई उम्मीद जगा दी है। खरीफ फसलों (जैसे धान, मक्का, बाजरा और कपास) की बुवाई के लिए यह खबर किसी वरदान से कम नहीं है। इसके अलावा, देश के प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर सुधरने से बिजली और पेयजल संकट से भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले कई हफ्तों से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के लोग भीषण लू (हिटवेव) और असहनीय उमस का सामना कर रहे हैं। कई शहरों में पारा रिकॉर्ड स्तर को छू चुका है। मौसम विभाग की इस ताजा भविष्यवाणी ने झुलसते शहरों को ठंडी फुहारों की आस दे दी है। अब बस कुछ ही दिनों का इंतजार और है, जिसके बाद देश मानसूनी बादलों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार होगा।
 


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