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नीट-यूजी प्रदर्शनकारियों को बिहार सरकार की बड़ी राहत: वापस ली जाएंगी सभी एफआईआर, जल्द रिहा होंगे गिरफ्तार छात्र

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 28, 2026 05:07 AM
Major relief from the Bihar government for NEET-UG protesters: All FIRs will be withdrawn, and arrested students will be released soon.

पटना। नीट-यूजी पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदर्शनकारियों को राहत देने का ऐलान किया है। सरकार ने घोषणा की है कि 26 जुलाई 2026 की शाम छह बजे तक आंदोलन से जुड़े मामलों में दर्ज सभी एफआईआर, परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही इस अवधि में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को भी जल्द रिहा किया जाएगा।

सरकार की इस घोषणा के बाद आंदोलन में शामिल छात्रों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि तक दर्ज मामलों में किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ भविष्य में न तो प्रत्यक्ष और न ही परोक्ष रूप से कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विभागों और अधिकारियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मामलों को वापस लेने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। पिछले कई दिनों से बिहार सहित देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र संगठन नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। बिहार में कई स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव भी हुआ, जिसके बाद बड़ी संख्या में छात्रों और आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया था। सरकार के अनुसार, 26 जुलाई की शाम छह बजे से पहले दर्ज सभी मामलों की विधिक समीक्षा कर उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जाएगी। साथ ही हिरासत में बंद लोगों की रिहाई के लिए न्यायिक और प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि आंदोलन में शामिल किसी भी व्यक्ति को भविष्य में इन मामलों के आधार पर परेशान नहीं किया जाएगा। इस घोषणा का उद्देश्य छात्रों के बीच विश्वास बहाल करना और परीक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक माहौल तैयार करना बताया गया है। छात्र संगठन लंबे समय से परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने, पेपर लीक पर सख्त रोक लगाने तथा युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहे थे। सरकार के इस कदम को छात्र आंदोलन के प्रति सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार अपने वादे के अनुरूप एफआईआर वापसी और प्रदर्शनकारियों की रिहाई की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी करती है। राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में इस फैसले को छात्र हितों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
 


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