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चंपावत केस में बड़ा खुलासाः नाबालिग का इस्तेमाल कर रची गई थी कथित साजिश! एसपी का दावा- दुष्कर्म नहीं, कमल रावत निकला मास्टरमाइंड

editor
  • Awaaz Desk
  • May 07, 2026 02:05 PM
Major revelation in the Champawat case: The alleged conspiracy was hatched using a minor! SP claims no rape, Kamal Rawat is the mastermind

चंपावत। उत्तराखण्ड में आक्रोश और सियासी हलचल पैदा करने वाले चंपावत के चर्चित कथित गैंगरेप मामले में गुरुवार को बड़ा मोड़ सामने आया। एसपी रेखा यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया है कि प्रारंभिक जांच, मेडिकल परीक्षण और पीड़िता के दोबारा दर्ज किए गए बयानों के आधार पर अब तक दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार मामला बदले की भावना से रचा गया षड़यंत्र प्रतीत हो रहा है। एसपी रेखा यादव ने बताया कि पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर तत्काल अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके का मुआयना किया गया और आरएफएसएल रुद्रपुर की टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया तथा क्षेत्राधिकारी चंपावत के नेतृत्व में 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की गई। जांच में सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मैनुअल इनपुट्स को आधार बनाकर पड़ताल की गई।

प्रेस वार्ता में एसपी रेखा यादव ने कहा कि जांच आगे बढ़ने पर पीड़िता, गवाहों और अन्य संबंधित लोगों के बयानों में कई विरोधाभास सामने आए। पुलिस को घटना की सत्यता पर संदेह हुआ, जिसके बाद पीड़िता से दोबारा विस्तार से पूछताछ की गई। इस दौरान पीड़िता ने न्यायालय के समक्ष यह स्वीकार किया कि जिस प्रकार घटना को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया गया, वैसा कुछ नहीं हुआ था। पुलिस के अनुसार जांच में यह तथ्य सामने आया है कि पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित षड़यंत्र का हिस्सा था। एसपी ने कहा कि इस कथित साजिश के पीछे कमल रावत और उसके साथ कुछ अन्य लोगों की भूमिका सामने आई है। बताया गया कि पूर्व के किसी मामले को लेकर बदले की भावना से यह कथित षड़यंत्र रचा गया। पुलिस के मुताबिक पीड़िता अपने मित्र विनोद के साथ शादी समारोह में गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि प्रारंभिक योजना सफल नहीं होने के बाद दोबारा योजना बनाई गई और कमरे में पूरे घटनाक्रम को कथित रूप से अंजाम दिया गया। एसपी ने कहा कि अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक नाबालिग का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह दुष्कर्म नहीं बल्कि षड़यंत्र था और जो भी लोग इसमें शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि पुलिस ने यह भी कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य पहलुओं पर भी गहन पड़ताल की जा रही है। यदि जांच के दौरान कोई नई बात सामने आती है तो उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस मामले में सीएमओ की ओर से भी बड़ा बयान सामने आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि मेडिकल परीक्षण में पीड़िता के शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट, जोर-जबरदस्ती या रस्सी से बांधने के निशान नहीं पाए गए। मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। उधर इस खुलासे के बाद पूरे प्रदेश में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जिस मामले को लेकर राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों में भारी आक्रोश था, अब पुलिस के इस दावे के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता और तथ्यों के आधार पर की जा रही है तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


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