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श्रीगंगानगर गैंगरेप केस में बड़ा खुलासाः सोशल मीडिया पर मासूम की फोटो भेजकर भरोसेमंद ग्राहकों से होती थी कथित सौदेबाजी, 19 आरोपी गिरफ्तार

editor
  • Awaaz Desk
  • July 10, 2026 01:07 PM
Major revelation in the Sri Ganganagar gang-rape case: Alleged deals were struck with trusted clients by sending photos of the victim on social media; 19 accused arrested.

नई दिल्ली। राजस्थान के श्रीगंगानगर शहर में 13 साल की मासूम से गैंगरेप के मामले में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद लोगों में और अधिक आक्रोश देखने को मिल रहा है। मामले में जैसे-जैसे पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ रही है, वैसे-वैस होटल संचालकों के काले कारोबार से जुड़े चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। बता दें कि मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के चंगुल में फंसी इस मासूम बच्ची को पांच दिनों के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मुक्त कराया था। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी से शुरू हुआ यह मामला अब एक बड़े नेटवर्क के रूप में सामने आ चुका है और पुलिस अब तक कुल 19 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। खबरों के मुताबिक इस पूरे काले खेल को चलाने के लिए होटल संचालकों और मैनेजरों ने बहुत ही शातिराना और सुरक्षित तरीका अपना रखा था, ताकि वो कानून की नजरों से बचे रहें। आरोपी होटल संचालक आम लोगों के बजाय सिर्फ अपने परमानेंट यानी भरोसेमंद ग्राहकों को ही निशाना बनाते थे। वो सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिए बालिका की तस्वीरें अपने खास ग्राहकों को भेजते थे और वहीं पर सौदेबाजी की जाती थी। सौदा तय होने के बाद होटल के कमरे को महज एक-एक घंटे के लिए 1500 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक के किराए पर दिया जाता था और बच्ची को उन दरिंदों के हवाले कर दिया जाता था।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस अपराध के वित्तीय सबूत जुटाने में आ रही है। आरोपी पकड़े जाने के डर से किसी भी ग्राहक से ऑनलाइन पेमेंट नहीं लेते थे। हर ग्राहक से सिर्फ कैश लिया जाता था। इसके अलावा, होटल के विजिटर रजिस्टर में इन ग्राहकों की कोई एंट्री या रिकॉर्ड नहीं रखा जाता था। यही वजह है कि पुलिस अब तक आरोपियों द्वारा किए गए वास्तविक भुगतान से संबंधित कोई ठोस दस्तावेजी या डिजिटल सबूत नहीं जुटा पाई है। इस घिनौने कृत्य के लिए शहर के तीन मुख्य होटलों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन तीनों ही होटलों में मासूम बालिका के साथ लगातार दरिंदगी की गई। मामला उजागर होने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और इन तीनों होटलों को अवैध निर्माण के तहत आधा-अधूरा यानी आंशिक रूप से तोड़ दिया है। इस मामले में एक बड़ा मोड़ आना अभी बाकी है क्योंकि इन तीन होटलों में से एक होटल का ठेकेदार अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। शहर में इस बात को लेकर जबरदस्त चर्चा है कि यह फरार ठेकेदार देह व्यापार के मकसद से ही शहर में तीन अन्य होटलों को भी ठेके पर लेकर संचालित कर रहा था। हालांकि जिला पुलिस ने अभी तक इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि इस ठेकेदार की गिरफ्तारी के बाद समाज के कई अन्य रसूखदार और छुपे हुए चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। मामले की ताजा स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि इस मामले में एक नए आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए नए आरोपी की पहचान अशोक नगर के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी आकाश नायक ने हाउसिंग बोर्ड चौराहे पर स्थित होटल जॉय इन में बालिका का शारीरिक शोषण किया था। वह इस होटल के मैनेजर मयंक का दोस्त है। मयंक ने ही अपने होटल के ठेकेदार हरदीप सिंह के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को रचा था और बालिका का देह शोषण करवाया था। पुलिस ने होटल जॉय इन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर आकाश नायक की पहचान सुनिश्चित की गई और उसे गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही इस केस में जेल जाने वाले आरोपियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। 

अफवाह फैलाने वाले तत्वों और चैनलों पर नजर
इस संवेदनशील मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिसे लेकर पुलिस प्रशासन बेहद गंभीर है। जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने बताया कि सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान और मामले को लेकर झूठी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए मुकदमा दर्ज किया है। अफवाह फैलाने वाले तत्वों और चैनलों के खिलाफ पोक्सो एक्ट तथा आईटी  एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने ऐसे भ्रामक कंटेंट फैलाने वाले सोशल मीडिया चैनलों को ब्लॉक करवाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है और इंटरनेट से इस तरह की सामग्री को लगातार हटाया जा रहा है। एसपी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि बिना पुलिस की आधिकारिक पुष्टि या जानकारी के किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक जानकारी साझा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इस पर जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने आयोग को अब तक हुई गहन जांच, पीड़िता के रेस्क्यू और गिरफ्तार किए गए सभी 19 आरोपियों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।

बार एसोसिएशन ने आरोपियों की पैरवी से किया इनकार
श्रीगंगानगर बार एसोसिएशन ने आरोपियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बार एसोसिएशन ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि समाज को कलंकित करने वाले इस घिनौने कृत्य के आरोपियों की पैरवी कोई भी स्थानीय अधिवक्ता अदालत में नहीं करेगा। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं सीनियर एडविकेट चरणदास कंबोज ने कहा कि यह घटना पूरे समाज के माथे पर कलंक है। उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया जाए, ताकि मामले की प्रभावी और निष्पक्ष तरीके से गहराई तक जांच हो सके और सभी दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।


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