झारखंड में टीएसपीसी को तगड़ा झटका! 30 लाख के इनामी उग्रवादी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू की गिरफ्तारी की चर्चा, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
रांची। झारखंड में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक सफलता मिलने की तेज चर्चा है। खुफिया सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन 'तृतीय प्रस्तुति समिति' के सुप्रीमो ब्रजेश गंझू उर्फ सरदार को चतरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, पुलिस महकमे और राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है। यदि इस खबर की औपचारिक पुष्टि होती है, तो यह झारखंड में टीएसपीसी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में सुरक्षा एजेंसियों की अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मानी जाएगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हाई-प्रोफाइल उग्रवादी ब्रजेश गंझू को हिरासत में लेने के बाद सुरक्षा बल उसे किसी अज्ञात और बेहद गुप्त स्थान पर ले गए हैं। वहां केंद्रीय जांच एजेंसियां और राज्य की सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से उससे बेहद कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं। इस संयुक्त पूछताछ का मुख्य उद्देश्य टीएसपीसी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना, उनके हथियारों के गुप्त ठिकानों का पता लगाना, लेवी (जबरन वसूली) के सिंडिकेट को समझना और संगठन के सक्रिय उग्रवादियों की हालिया गतिविधियों की सटीक जानकारी जुटाना है। पुलिस को उम्मीद है कि ब्रजेश गंझू के मुंह खोलते ही राज्य में उग्रवाद के वित्तपोषण (फंडिंग) और कई बड़े सफेदपोशों के चेहरों से नकाब उतर सकता है। ब्रजेश गंझू लंबे समय से देश और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ था और मोस्ट वांटेड सूची में शीर्ष पर था। उग्रवादी गतिविधियों में उसकी संलिप्तता को देखते हुए झारखंड सरकार ने उस पर 25 लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित कर रखा था। इसके अलावा, राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी उसके खिलाफ शिकंजा कसते हुए 5 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी। इस प्रकार, ब्रजेश गंझू पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह चतरा, लातेहार, पलामू समेत झारखंड के कई जिलों में हिंसक वारदातों, आगजनी, हत्या और बड़े पैमाने पर लेवी वसूली के दर्जनों मामलों में वांछित रहा है। इस पूरे घटनाक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सूत्रों के अनुसार, झारखंड की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा सोमवार को खुद चतरा का दौरा कर सकती हैं। उनके साथ पुलिस महानिरीक्षक,उप महानिरीक्षक और अन्य कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। संभावना जताई जा रही है कि डीजीपी चतरा में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान की उच्च स्तरीय समीक्षा करेंगी और उसके बाद एक औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी मीडिया के साथ साझा कर सकती हैं। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियों के आधिकारिक बयान और औपचारिक मुहर का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।