• Home
  • News
  • Major success for Chandigarh Police ahead of August 15: Three shooters from the Deepak Nandal gang arrested with sophisticated weapons delivered via drone from Pakistan.

15 अगस्त से पहले चंडीगढ़ पुलिस की बड़ी कामयाबी: पाकिस्तान से ड्रोन से आए अत्याधुनिक हथियारों के साथ दीपक नंदल गैंग के 3 शूटर गिरफ्तार

editor
  • Tapas Vishwas
  • August 11, 2026 08:08 AM
Major success for Chandigarh Police ahead of August 15: Three shooters from the Deepak Nandal gang arrested with sophisticated weapons delivered via drone from Pakistan.

चंडीगढ़। स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से ठीक पहले चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार नेटवर्क और गैंगवार की साजिश का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सीमा पार पाकिस्तान से आए अत्याधुनिक हथियारों के साथ हरियाणा के तीन शातिर बदमाशों को दबोचा है। पकड़े गए आरोपी कुख्यात गैंगस्टर दीपक नंदल गैंग से जुड़े हुए हैं। इनके कब्जे से पाकिस्तान से भेजी गई एक विदेशी जिगाना पिस्टल, दो पीएफ-3 पिस्टल, दो मैगजीन और 19 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि इस गिरफ्तारी से गुरुग्राम में होने वाली एक बड़ी रंगदारी और फायरिंग की वारदात टल गई है।

स्वतंत्रता दिवस से पहले चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने हथियारों की तस्करी और संभावित आपराधिक वारदात की एक बड़ी साजिश को नाकाम करने का दावा किया है। पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पाकिस्तान से आई एक जिगाना पिस्टल, दो पीएफ-3 पिस्टल, दो मैगजीन और 19 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी गैंगस्टर दीपक नंदल गैंग के संपर्क में थे और बरामद हथियारों का इस्तेमाल गुरुग्राम में रंगदारी वसूलने के लिए फायरिंग की वारदात में किया जाना था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय, रोहित और देव के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक अजय की उम्र करीब 19 वर्ष, जबकि रोहित और देव करीब 18 वर्ष के हैं। अजय हरियाणा के जींद में मारुति कंपनी में हेल्पर का काम करता था। रोहित इलेक्ट्रिक की दुकान पर काम करता था, जबकि देव भी दुकान पर हेल्पर बताया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि गैंग ने इन युवकों को बड़ी रकम का लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल किया था। पुलिस जांच के मुताबिक आरोपियों को गुरुग्राम भेजकर एक संभावित टारगेट की रेकी भी कराई गई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि टारगेट कौन था और उसके खिलाफ किस तरह की वारदात की योजना बनाई गई थी। अधिकारियों के अनुसार, बरामद हथियारों का इस्तेमाल फायरिंग और रंगदारी से जुड़ी वारदात में किए जाने की आशंका है।

15 अगस्त के मद्देनजर चंडीगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी की गई है। इसी दौरान ऑपरेशन सेल की टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान तीनों संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से अत्याधुनिक हथियार और कारतूस बरामद होने के बाद पूछताछ की गई। पूछताछ में उनके कथित तौर पर दीपक नंदल गैंग से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। पुलिस जांच में हथियारों की सप्लाई के कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ी भी सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, अमृतसर के गांव कक्कड़ निवासी 32 वर्षीय निशान सिंह पाकिस्तान में बैठे एक कथित हथियार सप्लायर के संपर्क में था। वह डेयरी चलाता है और पुलिस को आशंका है कि डेयरी की आड़ में सीमा पार से ड्रोन के जरिये पहुंचाए जाने वाले हथियारों को रिसीव कर आगे गैंग के सदस्यों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस अब निशान सिंह और पाकिस्तान में बैठे कथित हथियार सप्लायर की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितनी हथियारों की खेप भारत पहुंचाई गई और इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हुए हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक वारदात में हुआ है या नहीं। इसके लिए हथियारों की जांच और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस का दावा है कि समय रहते तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी से गुरुग्राम में संभावित रंगदारी और फायरिंग की वारदात को टाला जा सका। हालांकि, मामले की पूरी तस्वीर जांच आगे बढ़ने के बाद ही साफ होगी। फिलहाल पुलिस का फोकस हथियारों के स्रोत, संभावित टारगेट, गैंग के अन्य सदस्यों और सीमा पार से चल रहे कथित हथियार नेटवर्क तक पहुंचने पर है।
 


संबंधित आलेख: