बिहार में ₹2.75 करोड़ का महाघोटाला! सरकारी तिजोरी लूटकर कार्यपालक पदाधिकारी फरार, मुजफ्फरपुर से अररिया तक हड़कंप
मुजफ्फरपुर। बिहार के प्रशासनिक गलियारे से भ्रष्टाचार की एक बेहद चौंकाने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। मुजफ्फरपुर के साहेबगंज नगर परिषद के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी रंधीर लाल पर ₹2.75 करोड़ (2 करोड़ 75 लाख रुपये) की भारी वित्तीय अनियमितता और गबन का गंभीर आरोप लगा है। इस महाघोटाले के उजागर होने और नगर विकास एवं आवास विभाग के कड़े रुख के बाद पुलिस ने आरोपी अफसर पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।शनिवार को साहेबगंज थाना पुलिस ने आरोपी रंधीर लाल की गिरफ्तारी के लिए उनके निजी आवास और वर्तमान पदस्थापना वाले फारबिसगंज (अररिया) नगर परिषद कार्यालय में एक साथ भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी की। हालांकि, गिरफ्तारी की भनक लगते ही दागी अधिकारी पुलिस के पहुंचने से पहले ही रफूचक्कर होने में कामयाब रहा।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में साहेबगंज और फारबिसगंज थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। साहेबगंज थाना के सब-इंस्पेक्टर कुणाल कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम में फारबिसगंज थाना के एसआई अमित राज, उपेंद्र शर्मा, आशुतोष मिश्रा और संदीप कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस बल शामिल था। पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार की देर रात आरोपी अधिकारी के आवास पर भी दबिश दी, लेकिन वहां सन्नाटा पसरा मिला। शनिवार को फारबिसगंज नगर परिषद कार्यालय में भी उनकी सरगर्मी से तलाश की गई, पर वे ड्यूटी से नदारद पाए गए। जांच में सामने आया है कि रंधीर लाल ने साहेबगंज नगर परिषद में कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर रहते हुए जमकर मनमानी की। उन्होंने विभागीय निर्देशों और तय नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर जेम पोर्टल के माध्यम से बड़े पैमाने पर खरीदारी की। 3,000 स्ट्रीट लाइट की खरीद में भारी गड़बड़ी की गई। रिफ्यूज कॉम्पेक्टर और हाई मास्ट लाइटिंग टावर की खरीद में नियमों की अवहेलना हुई। सीसीटीवी कैमरों की मनमाने ढंग से खरीद कर सरकारी राशि का बंदरबांट किया गया। इस मामले को लेकर साहेबगंज थाने में कांड संख्या 344/2026 दर्ज की गई है। आरोपी रंधीर लाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं 316(5) और 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। सरकारी पैसे के इस गबन के बाद पूरे नगर विकास विभाग में खलबली मची हुई है। पुलिस अब रंधीर लाल के करीबियों और उनके बैंक खातों को भी खंगालने की तैयारी में है ताकि घोटाले की इस कस्टडी को पूरी तरह बेनकाब किया जा सके।