बिहार में डीबीटी का महाधमाका: 97.84 लाख पेंशनधारियों के खातों में पहुंचे 1,423.94 करोड़ रुपये
पटना। बिहार के करीब एक करोड़ बुजुर्गों, दिव्यांगों और जरूरतमंदों के लिए शुक्रवार का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार से एक सिंगल क्लिक के जरिए राज्य के 97.84 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 1,423.94 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि सफलतापूर्वक हस्तांतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा को और अधिक सशक्त व पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा एलान करते हुए कहा कि अब राज्य में हर महीने की 10 तारीख को 'बिहार पेंशन दिवस' के रूप में मनाया जाएगा, ताकि लाभार्थियों को समय पर आर्थिक मदद मिल सके। कैबिनेट के इस बड़े फैसले के तहत ट्रांसफर की गई राशि में राज्य की तीनों सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए जून 2026 की पेंशन तथा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) की तीनों पेंशन योजनाओं के लिए मई और जून 2026 की राशि शामिल है।
बिहार में पेंशनधारियों की कुल संख्या 1 करोड़ से अधिक है। हालांकि, कई लाभार्थियों का पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) बैंक से लिंक न होने और लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण पत्र) सत्यापित नहीं होने के कारण इस बार उनकी पेंशन रुक गई थी। मुख्यमंत्री ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि तकनीकी कारणों से किसी भी असली हकदार की पेंशन रुकनी नहीं चाहिए और कैंप लगाकर इनका तुरंत सत्यापन किया जाए। सभागार को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार गरीब, बुजुर्ग, दिव्यांग और समाज के वंचित वर्गों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। हमारी सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर सीधे 1,100 रुपये किया है, जिससे जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। हमारा उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े नागरिक के सम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे 'सहयोग शिविर कार्यक्रम' और 'पंचायत विकास दिवस' के जरिए ग्रामीण स्तर पर जनता से सीधा संवाद करें। सरकार का लक्ष्य एक विशेष अभियान चलाकर उन सभी छूटे हुए पात्र लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ना है जो जानकारी के अभाव में वंचित रह गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशन वितरण पूरी तरह समयबद्ध, पारदर्शी और शत-प्रतिशत डिजिटल होना चाहिए ताकि बिचौलियों का खेल खत्म हो सके। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के साथ मंच पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत समाज कल्याण विभाग के सभी बड़े अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के सभी जिलों के जिलाधिकारी (डीएम) और हजारों की संख्या में पेंशन लाभार्थी इस लाइव ट्रांसफर के गवाह बने। सरकार कुल 6 तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन देती है, जिनमें सबसे बड़ी संख्या 'मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना' के लाभार्थियों की है।