देहरादून के पैनेसिया अस्पताल में भीषण आग, आईसीयू में भर्ती मरीजों की अटकी सांसें, मची अफरा-तफरी
देहरादून। राजधानी देहरादून के हरिद्वार रोड स्थित पैनेसिया हॉस्पिटल में बुधवार को उस समय भारी हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई, जब अस्पताल परिसर में अचानक भीषण आग लग गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग अस्पताल के एक एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट होने के कारण भड़की। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे अस्पताल परिसर में दमघोंटू काला धुआं फैल गया, जिससे मरीजों, उनके तीमारदारों और अस्पताल स्टाफ के बीच चीख-पुकार मच गई। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय सबसे ज्यादा संवेदनशील माने जाने वाले आईसीयू वार्ड में छह गंभीर मरीज भर्ती थे। धुआं फैलते ही वार्डों में सांस लेना दूभर हो गया। लेकिन अस्पताल प्रशासन, स्थानीय लोगों और राहत टीमों ने गजब की तत्परता दिखाई। बिना वक्त गंवाए आईसीयू में भर्ती सभी छह मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और एंबुलेंस की मदद से तुरंत शहर के अन्य अस्पतालों में शिफ्ट कराया गया, जिससे एक बड़ा अनर्थ होने से टल गया। आग की लपटों और धुएं के गुबार के बीच मरीजों की जान बचाते हुए अस्पताल के कुछ कर्मचारी भी इसकी चपेट में आकर झुलस गए। घायल कर्मचारियों को तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने भारी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद डोबाल भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का खुद जायजा लिया। आग पर अब पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया गया है। अस्पताल से सुरक्षित निकाले गए सभी मरीजों और धुएं की चपेट में आए घायल कर्मचारियों को दूसरे अस्पतालों में भेज दिया गया है, जहां डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत पूरी तरह स्थिर और नियंत्रण में है। अस्पताल प्रशासन और फायर टीम के साथ मिलकर आग लगने के सटीक कारणों की विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है। इस हादसे ने एक बार फिर अस्पतालों में फायर सेफ्टी और समय-समय पर बिजली उपकरणों की चेकिंग की अनिवार्यता को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।