देहरादून में खूनी संघर्ष के बाद भारी बवाल: युवक 'विनोद' की हत्या से भड़का गुस्सा, हमलावर का घर फूंका,सहसपुर छावनी में तब्दील
देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून जिले से इस वक्त की बेहद बड़ी और संवेदनशील खबर सामने आ रही है। सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला इलाके में खेत की सिंचाई और पानी के मामूली विवाद ने ऐसा खूनी और हिंसक रूप ले लिया कि पूरे क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव और अशांति का माहौल पैदा हो गया है। शनिवार (13 जून) रात एक युवक की बेरहमी से की गई हत्या के बाद रविवार (14 जून) सुबह स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने न सिर्फ सड़कों को जाम कर उग्र प्रदर्शन किया, बल्कि मुख्य हमलावर के घर को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान दोनों तरफ से हुई भीषण पत्थरबाजी में कुछ लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की भी सूचना है। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे बैरागीवाला क्षेत्र को भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती के साथ छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, यह पूरा विवाद शनिवार 13 जून को खेत में सिंचाई करने को लेकर शुरू हुआ था। देखते ही देखते आपसी कहासुनी ने हिंसक मोड़ ले लिया। एक पक्ष के करीब एक दर्जन से अधिक लोगों ने दूसरे पक्ष के युवक विनोद पर धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला बोल दिया। इस बर्बर हमले में विनोद ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस जघन्य हत्याकांड की खबर फैलते ही देर रात सैकड़ों ग्रामीण और पीड़ित परिवार सहसपुर थाने पहुंच गए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान भी रातभर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने और कार्रवाई की मांग के लिए थाने में डटे रहे। शनिवार की हत्या का असर रविवार सुबह एक बड़े बवाल के रूप में देखने को मिला। हत्यारों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। इसी दौरान भीड़ में से कुछ उपद्रवियों और आक्रोशित लोगों ने एक मुख्य हमलावर के घर को निशाना बनाते हुए उसमें आग लगा दी। हमलावर के घर के बाहर खड़े वाहनों और अन्य सामानों में भी तोड़फोड़ कर आगजनी की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, माहौल बिगड़ने पर दोनों ओर से पथराव भी हुआ, जिसमें कुछ स्थानीय लोग और पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं। देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तुरंत घटना स्थल का रुख किया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए।जिलाधिकारी आशीष चौहान ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। उन्होंने कहा सांप्रदायिक सौहार्द और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिला प्रशासन लगातार मृतक विनोद के परिजनों के संपर्क में है और उन्हें आश्वस्त किया गया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपियों पर कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जा रही है। जनता किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दे।