देहरादून में एमडीडीए का बड़ा एक्शन: कंडोगल-थानो मार्ग पर बनी अवैध जामा मस्जिद की गई सील
देहरादून के ग्राम पंचायत कुड़ियाल अंतर्गत कंडोगल-थानो मार्ग स्थित जामा मस्जिद को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद रविवार को प्रशासन की बड़ी कार्रवाई के साथ एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने पुलिस और प्रशासनिक उच्चाधिकारियों की भारी मौजूदगी के बीच अवैध रूप से निर्मित जामा मस्जिद को पूरी तरह सील कर दिया। विभिन्न हिंदू संगठनों द्वारा काफी समय से इस ढांचे को अवैध बताते हुए इसे हटाने या सील करने की मांग की जा रही थी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए इस एक्शन को अंजाम दिया।
एमडीडीए की ओर से इस सीलिंग कार्रवाई के लिए पूर्व में एक जून की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। संवेदनशीलता को भांपते हुए प्रशासन ने रविवार सुबह से ही पूरे थानो क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के अभेद्य इंतजाम कर दिए थे। बजरंग दल और अन्य दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ता सुबह से ही थानो क्षेत्र में जुटना शुरू हो गए थे। हालांकि, किसी भी टकराव या विवाद की स्थिति से बचने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने सुबह के शुरुआती घंटों में ही सीलिंग की विधिक प्रक्रिया को शांतिपूर्वक पूरा कर लिया। इस दौरान दोनों पक्षों को आमने-सामने आने से रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। मौके पर नायब तहसीलदार राजेंद्र सिंह रावत और रानीपोखरी थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवीन डंगवाल के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। मुस्लिम समुदाय के कुछ स्थानीय लोगों ने इस सीलिंग को पूरी तरह एकतरफा बताते हुए अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। दूसरी ओर, हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने इसे 'देर से आया दुरुस्त फैसला' करार देते हुए उचित कार्रवाई बताया। सीलिंग की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने थानो चौक के समीप बकायदा हवन-यज्ञ का आयोजन किया और मंत्रोच्चार के बीच प्रशासनिक कार्रवाई का स्वागत किया। स्थानीय व्यापारियों ने भी इस कदम का समर्थन करते हुए मुख्य बाजार को पूरी तरह बंद रखा। कार्रवाई के बाद उस समय माहौल अचानक गरमा गया, जब क्षेत्र पंचायत सदस्य महिपाल सिंह कृषाली ने गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मस्जिद के पास से गुजरते समय कुछ महिलाओं ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस घटना की भनक लगते ही विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और मस्जिद की तरफ बढ़ने लगे। तनाव बढ़ता देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और बीच रास्ते में ही प्रदर्शनकारियों को रोककर शांत कराया। अधिकारियों ने संबंधित पक्षों को आश्वस्त किया है कि धमकी के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। काली सेना के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश जोशी ने भी धमकी की घटना की तीखी निंदा की है, जबकि पीड़ित महिपाल सिंह ने पुलिस को कुछ नामजद व्यक्तियों की सूची सौंपकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और पुलिस बल तैनात है।