उत्तराखंड में भारी बारिश का महाअलर्ट: सीएम धामी ने अधिकारियों को दिए 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलधार बारिश और मौसम विभाग की अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी के बीच राज्य सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सभी आला अधिकारियों और जिलाधिकारियों को अगले 24 घंटे बेहद सतर्क रहने और 'अलर्ट मोड' पर काम करने के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद शासन से लेकर आपदा प्रबंधन की टीमें जमीन पर उतर गई हैं।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, विनोद कुमार सुमन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश में हो रही वर्षा, बंद सड़कों, नदियों के बढ़ते जलस्तर और राहत-बचाव कार्यों की खुद कमान संभालते हुए विस्तृत समीक्षा की है। मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, राज्य के छह जिलों में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चंपावत में भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आपदा सचिव ने पुलिस, एसडीआरएफ, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, विद्युत और स्वास्थ्य विभाग को आपस में तालमेल बिठाकर पूरी सतर्कता के साथ 24 घंटे मुस्तैद रहने को कहा है। संवेदनशील और भूस्खलन संभावित रास्तों पर जेसीबी मशीनें और अतिरिक्त मानवबल पहले से ही तैनात कर दिए गए हैं। समीक्षा बैठक में चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर विशेष गाइडलाइन जारी की गई है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रियों को बीच रास्ते में ही सुरक्षित 'होल्डिंग प्वाइंट्स' पर रोक दिया जाए। सरकार ने निर्माण स्थलों पर काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही नदियों और गाड़-गदेरों (बरसाती नालों) की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए मलबे से बंद पड़ी सड़कों को युद्धस्तर पर खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों से पुरजोर अपील की है कि वे इस भारी बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की अनावश्यक यात्रा करने से बचें। नदी-नालों, रपतों और भूस्खलन संभावित पहाड़ी क्षेत्रों के नजदीक बिल्कुल न जाएं और अफवाहों से बचकर केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।