उत्तराखंड में मतदाता सूची शुद्धिकरण का महाअभियान शुरू,मुख्यमंत्री धामी को मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सौंपा गणना प्रपत्र
देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की शुरुआत कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण अभियान के तहत प्रदेश के प्रत्येक मतदाता तक गणना प्रपत्र पहुंचाया जाएगा और उनकी जानकारी का सत्यापन कर उसे डिजिटल रूप से अपडेट किया जाएगा।
सोमवार को सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को गणना प्रपत्र सौंपकर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मुख्यमंत्री को अभियान की रूपरेखा और उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के शुद्धिकरण और अद्यतन के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज विवरणों को सही करना, त्रुटियों को दूर करना तथा पात्र मतदाताओं की जानकारी को अद्यतन रखना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बन सके। अभियान के तहत प्रदेशभर के सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्रों का सत्यापन करेंगे। विशेष बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है। बीएलओ ऐप के माध्यम से सभी गणना प्रपत्रों को डिजिटल स्वरूप में दर्ज किया जाएगा, जिससे डेटा प्रबंधन और सत्यापन प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकेगी। निर्वाचन विभाग के अनुसार यह अभियान अगले एक माह तक चलेगा और 7 जुलाई तक सभी गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रदेशभर में निर्वाचन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय रूप से कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पहल को लोकतंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि शुद्ध और अद्यतन मतदाता सूची निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव की आधारशिला होती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें और अपने विवरणों का सही सत्यापन कराकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में योगदान दें। निर्वाचन विभाग को उम्मीद है कि इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान से मतदाता सूची की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और भविष्य के चुनावों के लिए एक सशक्त एवं भरोसेमंद आधार तैयार होगा।