मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप का शंखनाद: 250 निशानेबाज लगा रहे अचूक निशाना, दांव पर राज्य स्तरीय टिकट
हजारीबाग। हजारीबाग में खेल और रोमांच का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। हजारीबाग जिला राइफल एसोसिएशन के तत्वावधान में चार दिवसीय प्रतिष्ठित 'मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप' का शानदार आगाज किया गया है। इस बार इस भव्य प्रतियोगिता में जिले भर से आए लगभग 250 प्रतिभावान निशानेबाज (शूटर) राइफल और पिस्टल थामे अपनी खेल भावना तथा अचूक निशाने का लोहा मनवा रहे हैं। इस चैंपियनशिप की सबसे खास बात यह है कि यहाँ की शूटिंग रेंज पर जो भी खिलाड़ी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा, उसे सीधे राज्य स्तरीय शूटिंग चैंपियनशिप में हजारीबाग का प्रतिनिधित्व करने का सुनहरा मौका मिलेगा।
वही प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन स्थल पर तैनात मुख्य कोच और प्रबंधन से जुड़े सदस्यों ने बताया कि इस बार प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए युवाओं में इस कदर होड़ मची थी कि अगर समय रहते रजिस्ट्रेशन बंद नहीं किया जाता, तो यह संख्या आसानी से 400 के पार पहुंच जाती। चैंपियनशिप में सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे नन्हे बच्चे भी भारी-भरकम बंदूकें थामकर पूरे प्रोफेशनल अंदाज में सटीक निशाना लगा रहे हैं, जिन्हें देखना दर्शकों के लिए एक अद्भुत अनुभव साबित हो रहा है। खिलाड़ियों का मानना है कि ऐसी घरेलू प्रतियोगिताएं उनके भीतर के डर को खत्म करती हैं और राष्ट्रीय फलक पर चमकने का हौसला देती हैं। हजारीबाग जिला राइफल एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश रंजन ने इस सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जिला स्तर पर इस तरह के नियमित टूर्नामेंट्स का होना आज के दौर में बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा यह चैंपियनशिप पिछले 3 वर्षों से लगातार सफलतापूर्वक आयोजित की जा रही है। इसका परिणाम आज हम सबके सामने है कि हजारीबाग की इस माटी से कई ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ी उभर कर सामने आए हैं, जो आज राष्ट्रीय स्तर पर जिले और राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। शूटिंग के क्षेत्र में अपना भविष्य और करियर तलाश रहे युवाओं के लिए यह एसोसिएशन एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहा है, जहां वे आधुनिक तकनीकों को सीखकर आगे बढ़ सकते हैं। कभी पढ़ाई-लिखाई और पारंपरिक नौकरियों तक सीमित रहने वाले हजारीबाग के युवाओं की सोच में अब खेल को लेकर एक बेहद सकारात्मक बदलाव आया है। आज के युवा खेल को सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और सम्मानजनक करियर के रूप में देख रहे हैं।चैंपियनशिप के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा को निखारने का जो मौका मिल रहा है, उससे आने वाले दिनों में झारखंड को कई नए 'गोल्ड मेडलिस्ट' मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। चार दिनों तक चलने वाले इस रोमांचक मुकाबले में पदक तालिका और राज्य स्तरीय चयन पर अब सभी खेल प्रेमियों की निगाहें टिकी हुई हैं।