योग्यता को मिला सम्मान: मुख्यमंत्री धामी ने 4 विभागों के 276 नवचयनित युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र
देहरादून। उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं के सपनों को उड़ान देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजधानी देहरादून स्थित मुख्यसेवक सदन में आयोजित एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में विभिन्न सरकारी विभागों के लिए चयनित 276 अभ्यर्थियों को आधिकारिक नियुक्ति पत्र प्रदान किए। बरसों की कड़ी मेहनत, कठिन अनुशासन, लंबे संघर्ष और धैर्य के बाद सफलता की दहलीज पार करने वाले युवाओं के चेहरों पर इस अवसर पर एक अलग ही चमक और संतोष का भाव नजर आया। मुख्यमंत्री ने सभी नवचयनित कार्मिकों को व्यक्तिगत रूप से बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आज जिन 276 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं, वे राज्य के महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाएं देंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, "नियुक्ति पत्र प्राप्त करना जीवन की केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह देवभूमि की जनता की निस्वार्थ सेवा के एक नए और बड़े सामाजिक दायित्व की शुरुआत है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पूर्ववर्ती और वर्तमान व्यवस्था का फर्क समझाते हुए कहा कि हमारी सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को शत-प्रतिशत पारदर्शी, निष्पक्ष, त्वरित एवं जवाबदेह बनाने के लिए कड़े फैसले लिए हैं। प्रदेश में सक्रिय नकल माफियाओं और भ्रष्टाचार की जड़ को उखाड़ने के लिए ही उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके ऐतिहासिक परिणाम आज सबके सामने हैं। अब किसी भी गरीब या मध्यमवर्गीय परिवार के प्रतिभावान युवा की सफलता का एकमात्र आधार उसकी खुद की योग्यता और मेरिट लिस्ट है। अपने संबोधन में सीएम धामी ने एक बड़ा आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में राज्य सरकार ने पूर्ण पारदर्शिता बरतते हुए लगभग 33 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से पूरी कार्यकुशलता, ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आम जनमानस की समस्याओं को हल करने की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विजन को पूरा करने के लिए उत्तराखंड भी कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। आज राज्य में एक ऐसी नई कार्यसंस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है, जहां केवल हवाई घोषणाएं नहीं बल्कि धरातल पर शत-प्रतिशत डिलीवरी, कोरे वादों के बजाय ठोस परिणाम और ओछी राजनीति से ऊपर उठकर चौतरफा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।