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मिडिल ईस्ट तनाव का भारत पर असरः गैस सप्लाई को लेकर अफरा-तफरी! उत्तराखण्ड में एजेंसियों के बाहर सुबह से लाइनें, सदन में विपक्ष-सरकार के बीच तीखी नोकझोंक

editor
  • Awaaz Desk
  • March 13, 2026 07:03 AM
Middle East tensions impact India: Chaos over gas supplies! Lines form outside agencies in Uttarakhand since morning, and the opposition and government engage in heated exchanges in the House.

नई दिल्ली/देहरादून। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर पाबंदी लगने के बाद भारत की एलपीजी इंडस्ट्री पर बड़ा असर हुआ है और हर तरफ हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। गैस की सप्लाई को लेकर चिंताएं अब कई सेक्टरों में रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर डालने लगी हैं। रेस्टोरेंट, हॉस्टल और कुछ कंपनियों ने अपनी किचन और खाने की सेवाओं में रुकावटों की शिकायत की है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव सी. सेंथिल राजन ने बताया कि तेल कंपनियां इस संकट के वक्त में भी हर दिन करीब 50 लाख एलपीजी सिलेंडर पहुंचा रही हैं और सप्लाई में कोई कमी नहीं आई है। कई राज्यों की पुलिस ने भी अफवाहों, जमाखोरी और सिलेंडरों की गैर-कानूनी खरीद-बिक्री पर नज़र रखना तेज़ कर दिया है। उत्तराखण्ड की बात करें तो यहां गैस सिलेंडर को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। हर तरफ एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी लाईनें देखने को मिल रही हैं और लोग खासे परेशान हैं। ऊधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में भी हालात कमोवेश ऐसे हैं। लोग सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर जुटने शुरू हो जा रहे हैं। इस बीच उत्तराखंड नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के आयुक्त ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में पिछले तीन दिनों यानी 10 मार्च से 12 मार्च के दौरान तमाम जिलों में कुल 280 निरीक्षण किए गए। निरीक्षण के दौरान कुल 58 स्थानों पर छापे मारे की कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान अवैध भंडारण और दुरुपयोग के मामलों में 74 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। साथ ही 4 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। 
इधर विधानसभा सत्र के चौथे दिन बृहस्पतिवार को सदन में एलपीजी आपूर्ति के मुद्दे पर हंगामा हुआ। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने पीठ से सरकार को एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। सदन में चर्चा न करने का आरोप लगा विपक्ष ने विरोध किया। इससे सदन की कार्यवाही 45 मिनट तक स्थगित रही। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने नियम 310 पर प्रदेश में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा उठाया। विस अध्यक्ष ने इस सूचना को नियम 58 में भोजनावकाश के बाद सुनने का विनिश्चय दिया। तीन बजे सत्र शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि एलपीजी की आपूर्ति केंद्र सरकार का विषय है। लिहाजा इस पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्तमान में जिस तरह की परिस्थिति है, उससे केंद्र सरकार ने व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगाई है। घरेलू एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है।


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