डिजिटल झारखंड विजन को गति: हर पंचायत तक 5जी पहुंचाने का लक्ष्य, सभी विभागों का डेटा होगा एकीकृत,सीएम हेमंत सोरेन के बड़े निर्देश
रांची। झारखंड को डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि तकनीक का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अगले तीन वर्षों में राज्य की सभी पंचायतों को 5जी नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य तय करने, सभी विभागों के डेटा का एकीकरण करने और डिजिटल सेवाओं का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव पूजा सिंघल, विशेष सचिव सुनील कुमार सिंह, आईटी निदेशक माधवी मिश्रा, जैप-आईटी के सीईओ चंदन कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान ई-गवर्नेंस परियोजनाओं, साइबर सुरक्षा, सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आईटी आधारित नवाचारों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने 'डिजिटल झारखंड विजन-2029' को लेकर अधिकारियों से विस्तृत प्रस्तुति ली। आईटी पार्क निर्माण की रूपरेखा और साइट प्लान पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य का विकास केवल आईटी पार्क तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि एक मजबूत और व्यापक आईटी इकोसिस्टम विकसित किया जाए। इसके तहत आईटी उद्योगों को प्रोत्साहन, स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा, अनुसंधान एवं नवाचार को समर्थन तथा युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जाएं। बैठक में चीफ मिनिस्टर डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के विकास पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी विभागों और जिलों के डेटा एवं पोर्टलों को एकीकृत किया जाए, ताकि योजनाओं की निगरानी, विश्लेषण और निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सके। उन्होंने प्रत्येक विभाग और जिले में आईटी अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, जिससे डिजिटल परियोजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके। साइबर सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष चिंता जताई। उन्होंने झारखंड स्टेट डेटा सेंटर को और अधिक सुदृढ़ बनाने, डेटा की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने तथा नियमित साइबर सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल शासन की सफलता सुरक्षित और भरोसेमंद डेटा प्रबंधन पर निर्भर करती है। बैठक में झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य के डिजिटल संसाधनों की व्यापक मैपिंग कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां नेटवर्क उपलब्ध नहीं है या बेहद कमजोर है, वहां प्राथमिकता के आधार पर डिजिटल कनेक्टिविटी विकसित की जाए। उनका स्पष्ट निर्देश था कि राज्य का कोई भी गांव, कस्बा या शहर डिजिटल सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगामी तीन वर्षों में राज्य की सभी पंचायतों तक 5जी इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, प्रशासन और ऑनलाइन सेवाओं को नई गति मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल क्रांति का लाभ पहुंचेगा। समीक्षा बैठक में भारतनेट फेज-3, कनेक्टिंग झारखंड और स्टेट वाइड नेटवर्क जैसी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति का भी जायजा लिया गया। मुख्यमंत्री ने जैप-आईटी में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए, ताकि विभागीय कार्यों में तेजी लाई जा सके। साथ ही पुलिस थानों में सीसीटीवी नेटवर्क, लिडार और सैटेलाइट आधारित परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने न्यायिक व्यवस्था में तकनीक के बेहतर उपयोग पर भी सुझाव देते हुए राज्य के सभी जिला न्यायालयों में उच्च गुणवत्ता वाले साउंड सिस्टम लगाने की बात कही, ताकि न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सुगम बन सके। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि डिजिटल झारखंड का सपना तभी साकार होगा, जब तकनीक का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निवेश आकर्षित करने, आईटी उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करने की प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता, दक्षता और नवाचार के साथ तकनीक को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया जाए, ताकि झारखंड डिजिटल विकास की नई ऊंचाइयों को छू सके।