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मानसून ने बढ़ाई मुश्किलेंः उत्तराखण्ड के तीन जिलों में रेड अलर्ट! 115 सड़कें बंद, भूस्खलन और जलभराव से जनजीवन बेहाल

editor
  • Awaaz Desk
  • July 10, 2026 09:07 AM
 Monsoon Woes: Red Alert for Three Districts in Uttarakhand! 115 Roads Closed; Landslides and Waterlogging Disrupt Normal Life.

देहरादून। उत्तराखण्ड में मानसून का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई स्थानों पर खतरे की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए भी राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। भारतीय मौसम विभाग ने ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। वहीं देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर और हरिद्वार जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने जिला प्रशासनों को अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटे पूरे उत्तराखण्ड के लिए बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों, भूस्खलन संभावित स्थानों तथा नदी.नालों के किनारे रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। सात जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि राज्य के अन्य सभी जिलों में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश और पहाड़ों से गिर रहे मलबे ने प्रदेश की यातायात व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कुल 115 सड़कें बंद हो गई हैं। सबसे अधिक प्रभावित पौड़ी जिला है, जहां कुल 31 सड़कें बंद हैं। इनमें दो राज्य मार्ग, एक मुख्य मार्ग और 28 ग्रामीण मोटर मार्ग शामिल हैं।

पिथौरागढ़ जिले में तवाघाट-गुंजी राष्ट्रीय राजमार्ग बोल्डर गिरने के कारण पूरी तरह बंद हो गया है। इसके अलावा जिले के 12 ग्रामीण मार्ग भी अवरुद्ध हैं। देहरादून में एक राज्य मार्ग और 14 ग्रामीण सड़कें, अल्मोड़ा में 13 ग्रामीण मार्ग, चमोली में नौ, नैनीताल में पांचए रुद्रप्रयाग में तीन, उत्तरकाशी और बागेश्वर में चार-चार तथा टिहरी गढ़वाल में एक राज्य मार्ग और 13 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। सड़कें बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इधर नैनीताल जिले में भी बारिश का असर लगातार देखने को मिल रहा है। भवाली सैनिटोरियम के समीप एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलने के तुरंत बाद संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ को हटाकर मार्ग को पुनः सुचारु कराया।


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