मसूरी में दीपावली पर जनता के बीच पहुंचीं पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी: बैंड-बाजों के साथ भव्य स्वागत,42 नई पार्किंग स्थलों और मोहल्ला पार्किंग योजना से दूर होगी ट्रैफिक की समस्या
मसूरी। उत्तराखंड की प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मसूरी में दीपावली का पावन पर्व इस बार केवल दीपों और आतिशबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह जनसंवाद और विकास के संकल्प का एक अनूठा प्रतीक बनकर उभरा। नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने त्योहार के खास मौके पर सीधे जनता के बीच पहुंचकर आपसी मेलजोल और रिश्तों को मजबूत करने की एक नई मिसाल पेश की। टिहरी बस स्टैंड से लेकर प्रसिद्ध लाइब्रेरी चौक तक आयोजित इस व्यापक जनसंपर्क अभियान में व्यापारियों, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों ने उनका अभूतपूर्व और गर्मजोशी से स्वागत किया। जगह-जगह ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक बैंड-बाजों की गूंज ने इस जनसंपर्क को एक उत्सव में बदल दिया।
मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में दीपावली का पर्व इस बार जनप्रतिनिधि और जनता के बीच संवाद तथा विश्वास मजबूत करने का अवसर भी बना। नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने दीपावली के अवसर पर शहर की जनता के बीच पहुंचकर व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों से मुलाकात की तथा उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं। टिहरी बस स्टैंड से लाइब्रेरी चौक तक चले जनसंपर्क अभियान के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पारंपरिक बैंड-बाजों के साथ उनका स्वागत किया। जगह-जगह हुए स्वागत और लोगों के उत्साह ने दीपावली के माहौल को और खास बना दिया। इस दौरान पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि मसूरी की जनता के सहयोग, विश्वास और आशीर्वाद से उन्हें नगर पालिका की जिम्मेदारी संभालने का अवसर मिला है। जनता ने उनसे कई उम्मीदें लगा रखी हैं और उन उम्मीदों पर खरा उतरना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास होता है। जनता का सहयोग मिले तो शहर की बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान भी संभव है।पालिकाध्यक्ष ने कहा कि मसूरी की पहचान उसकी खूबसूरत मालरोड और प्राकृतिक सौंदर्य से है। ऐसे में मालरोड को व्यवस्थित, स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना नगर पालिका की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए नगर पालिका की ओर से कई महत्वपूर्ण और कड़े कदम उठाए गए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि व्यवस्थाओं में बदलाव के कारण शुरुआती दौर में कुछ लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन किसी भी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक बदलाव और सख्त निर्णय लेने पड़ते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन कदमों का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि मसूरी को बेहतर, सुंदर और व्यवस्थित पर्यटन नगरी बनाना है। इसके लिए स्थानीय लोगों और व्यापारियों को विश्वास में लेकर आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकास और व्यवस्था में सुधार तभी संभव है, जब जनता भी इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे। मसूरी की सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल पार्किंग संकट को लेकर पालिकाध्यक्ष ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन में बाहरी वाहनों की संख्या बढ़ने से शहर की सड़कों पर दबाव बढ़ जाता है। इससे स्थानीय निवासियों के साथ पर्यटकों को भी आवागमन और वाहन खड़े करने में परेशानी होती है। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए शासन और नगर पालिका स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से नगर पालिका क्षेत्र में ऐसे 42 स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां पार्किंग निर्माण की संभावनाएं मौजूद हैं। इन सभी स्थानों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई है। इन स्थानों पर पार्किंग विकसित होने से शहर में वाहनों के बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि नगर पालिका की ओर से मोहल्ला पार्किंग विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। फिलहाल तीन मोहल्ला पार्किंग के निर्माण के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि मोहल्ला पार्किंग बनने से स्थानीय निवासियों को अपने घरों के आसपास वाहन खड़े करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही मुख्य सड़कों पर अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में भी मदद मिलेगी। मीरा सकलानी ने कहा कि कुछ विपक्षी लोग उनके खिलाफ बेवजह आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहते हैं, लेकिन वह इन बातों में उलझने के बजाय शहर के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दे रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने जिन उम्मीदों और विश्वास के साथ उन्हें चुना है, उन पर खरा उतरना उनकी जिम्मेदारी है। इसके लिए वह लगातार प्रयास कर रही हैं। दीपावली के अवसर पर पालिकाध्यक्ष का यह जनसंपर्क जहां जनता से सीधे संवाद का माध्यम बना, वहीं पार्किंग समस्या के समाधान को लेकर सामने आई 42 संभावित स्थलों की जानकारी ने शहरवासियों की उम्मीदें भी बढ़ाई हैं। हालांकि, अब असली चुनौती इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने और मसूरी को जाम की समस्या से राहत दिलाने की होगी।