मसूरी पुलिस ने मनाया राष्ट्रीय एकता दिवस, सरदार पटेल को किया नमन, पुलिसकर्मियों ने लिया राष्ट्रीय एकता का संकल्प
मसूरी। पहाड़ियों की रानी मसूरी में देश के प्रथम गृह मंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को राष्ट्रीय एकता दिवस अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। मसूरी पुलिस की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम की अध्यक्षता मसूरी कोतवाल नरेंद्र सिंह गहलावत ने की। इस दौरान गुजरात में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य कार्यक्रम का सीधा (लाइव) प्रसारण दिखाया गया, जिसे स्थानीय पुलिसकर्मियों और कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने बेहद तन्मयता के साथ देखा।
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को मसूरी पुलिस की ओर से राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों और उपस्थित लोगों ने सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद करते हुए देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने का संकल्प लिया। इस दौरान गुजरात में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मसूरी कोतवाल नरेंद्र सिंह गहलावत ने की। इस अवसर पर मसूरी भाजपा मंडल के पूर्व अध्यक्ष मोहन पेटवाल ने कहा कि आजादी के बाद देश की सैकड़ों रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कर अखंड भारत के निर्माण में सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका ऐतिहासिक रही। उनकी दूरदर्शिता, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण ने देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन राष्ट्रसेवा, साहस और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर विभिन्न रियासतों का भारतीय संघ में विलय कर देश की एकता की मजबूत नींव रखी। आज भी उनके विचार और कार्य देशवासियों को प्रेरित करते हैं। नई पीढ़ी को उनके जीवन से सीख लेकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। मसूरी कोतवाल नरेंद्र सिंह गहलावत ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को दोहराने का अवसर है। सरदार पटेल ने देश को एकजुट करने के लिए जो ऐतिहासिक योगदान दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में एकता, आपसी सौहार्द और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना भी उसकी जिम्मेदारी है। पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाज के सभी वर्गों के बीच विश्वास और सहयोग का वातावरण बनाए रखने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। कोतवाल ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी क्रम में प्रदेशभर के थानों में एकता की शपथ, मार्च पास्ट और रन फॉर यूनिटी जैसे कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। मसूरी में आयोजित कार्यक्रम भी इसी राष्ट्रव्यापी आयोजन का हिस्सा रहा। कार्यक्रम के माध्यम से पुलिसकर्मियों ने यह संदेश दिया कि देश की एकता और अखंडता केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है। सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाकर ही मजबूत, सुरक्षित और एकजुट राष्ट्र के निर्माण में योगदान दिया जा सकता है।