• Home
  • News
  • 'MV Simi' Arrives in India, Cutting Through a Sea of ​​Tension: Massive Ship Reaches Gujarat Carrying 20,000 Tons of LPG After Crossing the Strait of Hormuz

तनाव के समंदर को चीरकर भारत पहुंचा 'एमवी सिमी': होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर 20,000 टन एलपीजी लेकर गुजरात पहुंचा विशाल जहाज

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 17, 2026 12:05 PM
'MV Simi' Arrives in India, Cutting Through a Sea of ​​Tension: Massive Ship Reaches Gujarat Carrying 20,000 Tons of LPG After Crossing the Strait of Hormuz

गुजरात। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भयंकर युद्ध और तनाव के बीच भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। कतर से 20,000 टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर चला एक विशाल व्यावसायिक जहाज 'एमवी सिमी' दुनिया के सबसे खतरनाक और संवेदनशील समुद्री मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को सुरक्षित पार कर गुजरात पहुंच गया है। अधिकारियों ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि मार्शल आइलैंड के ध्वज वाला यह पोत तमाम वैश्विक चिंताओं और खतरों को पीछे छोड़ते हुए शनिवार रात करीब 11:30 बजे गुजरात के कच्छ जिले में स्थित कांडला के 'दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण' पर सुरक्षित लंगर डाल चुका है। भारत के लिए घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति बनाए रखने के लिहाज से इस जहाज का पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

नौवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, एमवी सिमी नाम का यह एलपीजी टैंकर कतर से गैस लोड करके रवाना हुआ था। इस पोत ने बीती 13 मई को सबसे जोखिम भरे क्षेत्र होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया था। पश्चिम एशिया में गहराए ताजा संकट के बाद से भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार सतर्कता बरत रहा है। आंकड़ों के अनुसार, मार्च की शुरुआत से लेकर अब तक भारत से जुड़े कुल 13 बड़े वाणिज्यिक जहाज इस बेहद खतरनाक रूट से गुजर चुके हैं। इनमें 12 हाई-कैपेसिटी एलपीजी टैंकर और कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) से लदा एक विशाल पोत शामिल है, जिन्हें बेहद कूटनीतिक और सुरक्षित रणनीतियों के तहत भारत लाया गया है। ओमान और ईरान के तटों के समीप स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की 'लाइफलाइन' माना जाता है। पूरी दुनिया में होने वाली कुल ऊर्जा (तेल और गैस) आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा यानी 20 फीसदी अकेले इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। हाल के दिनों में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण यह पूरा इलाका युद्धक्षेत्र में तब्दील हो चुका है। इस तनाव ने हाल के दशकों के सबसे बड़े वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दिया है, जहां वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बना हुआ है। इस वैश्विक संकट के बीच भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपना कड़ा रुख अख्तियार किया है। संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद की ऊर्जा एवं आपूर्ति प्रवाह सुरक्षा पर आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथनेनी हरीश ने वैश्विक सुरक्षा का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना, नागरिक चालक दल (क्रू मेंबर्स) की सुरक्षा को खतरे में डालना और नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) में बाधा पहुंचाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। भारत की यह चिंता निराधार नहीं है। इसी गतिरोध के बीच बीते 13 मई को ओमान के तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक अन्य वाणिज्यिक पोत पर अज्ञात तत्वों द्वारा समुद्र में हमला किया गया था। हालांकि, भारतीय नौसेना और ओमान के अधिकारियों के त्वरित समन्वय के चलते, सोमालिया से आ रहे उस पोत के सभी 14 चालक दल सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। इस घटना के बाद से अरब सागर और फारस की खाड़ी के रूट पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और नौसेना पूरी तरह मुस्तैद हैं, ताकि देश की ऊर्जा रसद में कोई रुकावट न आए।


संबंधित आलेख: