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नैनीताल: महिलाओं को आगे कर लोगों को जाल में फंसाने और वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का आरोप! नैनीताल पुलिस ने शुरू की पूछताछ, संगठित रैकेट की आशंका

editor
  • Awaaz Desk
  • May 19, 2026 11:05 AM
Nainital: Accused of using women as fronts to trap people and then blackmail them with videos! Nainital police have begun an investigation, suspecting an organized racket.

नैनीताल। नैनीताल जिले में चर्चित कथित यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग मामले में अब पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है। मल्लीताल कोतवाली में दर्ज एफआईआर के बाद मंगलवार को पुलिस ने भवाली निवासी व्यापारी नेता एवं स्वयं को समाजसेवी बताने वाले नरेश पांडे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मल्लीताल कोतवाली में एक युवती द्वारा तहरीर दी गई थी, जिसमें उसने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति द्वारा उसका शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है। युवती की शिकायत के आधार पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।

एसएसपी के अनुसार, जांच के दौरान कई हैरान करने वाली जानकारियां लोगो के द्वारा सामने आईं। स्थानीय लोगों और भीमताल-भवाली क्षेत्र के निवासियों से मिली सूचनाओं में दावा किया गया कि आरोपी महिलाओं को आगे कर कुछ पुरुषों से संबंध बनवाता था और बाद में उनके वीडियो बनाकर उन्हें तथा उनके परिवारों को ब्लैकमेल किया जाता था। पुलिस को आशंका है कि यह पूरा मामला संगठित ब्लैकमेलिंग रैकेट के रूप में संचालित किया जा रहा था। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर मंगलवार सुबह मल्लीताल पुलिस ने मुख्य आरोपी नरेश पांडे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस अब मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। एसएसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से भी विभिन्न मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि नरेश पांडे कथित तौर पर चार लोगों को अवैध रूप से बाउंसर के रूप में अपने साथ रखता था। एसएसपी ने कहा कि इन तथाकथित बाउंसरों को भी पुलिस थाने लेकर आई है और उनसे पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग आरोपी के लिए दबाव बनाने और लोगों को डराने का काम करते थे। उधर, इस मामले ने उस समय और अधिक तूल पकड़ लिया था जब सोशल मीडिया पर कुछ कथित वीडियो वायरल हुए। बाद में संबंधित युवती की ओर से यह दावा भी किया गया कि उस पर दबाव बनाकर एफआईआर लिखवाई गई थी और वायरल वीडियो AI Generated थे। पुलिस ने उन वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटवाने की कार्रवाई भी करवाई थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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