नैनीताल:झील किनारे निर्माण को लेकर फिर घिरा प्रशासन!दो तीन दिन के अल्टीमेटम के साथ पुनीत टंडन ने डीएम को भेजा स्मरण पत्र,कार्रवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट की शरण लेने की चेतावनी
नैनीताल। झील नगरी में पर्यावरण और न्यायालय के आदेशों को लेकर एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। नैनीताल बोट हाउस क्लब के सामने स्थित पार्क में कथित तौर पर किए जा रहे कंक्रीट निर्माण को लेकर माँ नयना देवी नैनीताल व्यापार मंडल के संस्थापक अध्यक्ष पुनीत टंडन ने जिलाधिकारी को स्मरण पत्र भेजकर तत्काल निर्माण कार्य रोकने और कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की मांग की है। व्यापार मंडल का कहना है कि इस मामले में 3 जुलाई को भी जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

व्यापार मंडल ने अपने पत्र में दावा किया है कि पार्क में हो रहा कंक्रीट निर्माण सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और उत्तराखंड हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के विपरीत है। पत्र में सुप्रीम कोर्ट के ग्रीन पार्क से संबंधित आदेश और हाईकोर्ट के झील से 30 मीटर के दायरे में निर्माण संबंधी प्रतिबंध का हवाला देते हुए प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।

पुनीत टंडन ने जिलाधिकारी से मांग की है कि निर्माण कार्य तत्काल रुकवाया जाए और यदि निर्माण नियमविरुद्ध पाया जाता है तो उसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार विभाग, संबंधित अधिकारियों और इसके लिए स्वीकृत अथवा खर्च की गई धनराशि की भी विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
व्यापार मंडल ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए दो से तीन दिन का समय देते हुए कहा है कि इस अवधि में की गई विधिक कार्रवाई से उसे लिखित रूप से अवगत कराया जाए। पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्माण पर रोक अथवा ध्वस्तीकरण की प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापार मंडल हाईकोर्ट की शरण लेगा। साथ ही प्रशासनिक लापरवाही और न्यायालय के आदेशों की कथित अवहेलना के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराने की मांग की जाएगी।
इस पूरे मामले में अब निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर है। खास तौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्क में चल रहे निर्माण की अनुमति किस स्तर से मिली, निर्माण के लिए कौन-सी स्वीकृतियां ली गईं और जिस धनराशि से यह काम कराया जा रहा है, उसका स्रोत और उपयोग क्या है। व्यापार मंडल ने इन्हीं बिंदुओं पर जांच की मांग करते हुए पत्र की प्रतिलिपि कुमाऊं आयुक्त, सचिव मुख्यमंत्री उत्तराखंड और नगर पालिका नैनीताल के अधिशासी अधिकारी को भी भेजी है।