नैनीताल:बारिश के बाद नैनी झील में बढ़ा प्लास्टिक कचरा, ‘नासा’ ने संभाला मोर्चा
नैनीताल, 3 सितंबर। लगातार हो रही बारिश के बीच शहर के विभिन्न नालों और जलधाराओं के जरिए नैनी झील में पहुंच रहे प्लास्टिक एवं अन्य ठोस कचरे ने झील की स्वच्छता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालात को देखते हुए नैनीताल एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (नासा) ने लगातार दूसरे दिन झील की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया।
नासा के सदस्य नावों के जरिए झील के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचे और पानी की सतह पर तैर रही प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन और अन्य ठोस कचरे को एकत्र कर झील से बाहर निकाला। एकत्र किए गए कचरे को उचित निस्तारण के लिए अलग किया गया।
बारिश के बाद झील में अचानक बढ़े तैरते कचरे को देखते हुए नासा की ओर से लगातार सफाई अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल झील की सतह से कचरा हटाना ही नहीं, बल्कि बारिश के दौरान शहर से बहकर झील तक पहुंचने वाले प्लास्टिक कचरे को समय रहते बाहर निकालना भी है।
अभियान में यशपाल सिंह रावत, धीरज भूपाल बिष्ट, मोहम्मद फैजान, रोहित गर्ग, प्रो. रीतेश साह, विक्रम, मनीष, पिंकी, मोहम्मद सुभान, सिद्धि समेत नासा के अन्य सदस्यों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की।
नासा के सदस्यों का कहना है कि बारिश के दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों से बहकर आने वाला प्लास्टिक कचरा नैनी झील के जलीय पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। झील की सफाई के साथ-साथ जरूरी यह भी है कि कचरा झील तक पहुंचे ही नहीं।
एसोसिएशन ने नागरिकों, व्यापारियों और पर्यटकों से अपील की है कि प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन और अन्य कचरा नालों, जलधाराओं अथवा झील के आसपास न फेंकें। झील की स्वच्छता बनाए रखना केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि शहर में रहने वाले लोगों और यहां आने वाले पर्यटकों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
नासा ने कहा कि नैनी झील को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने के लिए आवश्यकता के अनुसार आगे भी सफाई अभियान जारी रखा जाएगा।