नैनीतालः उत्तराखंड हाईकोर्ट को स्थानांतरित करने के फैसले का स्वागत! अधिवक्ताओं ने मिठाई बांटकर जताई खुशी
नैनीताल। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से स्थानांतरित करने के फैसले को स्वागत योग्य बताते हुए अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। अधिवक्ताओं का कहना है कि नैनीताल में ठंड और बरसात में दूर से आने वाले अधिवक्ताओं और वादकारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ने के साथ ही उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस करने आने वाले युवा अधिवक्ताओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस फैसले से सभी की समस्याएं दूर होंगी। बता दें कि बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस जटिल मामले का व्यावहारिक समाधान निकालते हुए निर्देश दिया है कि अब इस पूरे विवाद को प्रशासनिक स्तर पर सुलझाया जाए। न्यायालय ने कहा कि उत्तराखंड हाईकोर्ट को अपने प्रशासनिक पक्ष पर राज्य सरकार के साथ आपसी समन्वय और परामर्श करना चाहिए। हाईकोर्ट और राज्य सरकार मिलकर बैठें और अदालत परिसर से जुड़े सभी ढांचागत (इन्फ्रास्ट्रक्चरल) मुद्दों और समस्याओं का एक ठोस समाधान तैयार करें। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया गया कि उत्तराखंड सरकार ने पहले ही हाईकोर्ट के नए भवन निर्माण के लिए हल्द्वानी में एक उपयुक्त भूमि को चिन्हित कर लिया है। इस जानकारी को रिकॉर्ड पर लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले में तेजी लाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि हल्द्वानी में चिन्हित की गई इस जमीन से जुड़ी सभी आवश्यक मंजूरियां और अनापत्ति प्रमाण पत्र आगामी 6 सप्ताह के भीतर पूरे कर लिए जाएं। अदालत ने आदेश दिया है कि सभी मंजूरियां मिलने के बाद हल्द्वानी की वह जमीन तुरंत हाईकोर्ट प्रशासन को सौंप दी जाए, ताकि नए परिसर का निर्माण कार्य आगे बढ़ सके।