नैनीतालः मुजफ्फरनगर कांड में न्याय की मांग तेज! 32 साल बाद भी फैसला नहीं, राज्य आंदोलनकारियों ने उठाए सवाल
नैनीताल। नैनीताल में मुजफ्फरनगर कांड को लेकर न्याय की मांग एक बार फिर तेज होती नजर आई। राज्य आंदोलनकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने जिला बार सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले के शीघ्र निस्तारण की मांग की। प्रेस वार्ता में धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि 2 अक्टूबर 1994 से लेकर 2 मई 2026 तक लगभग 32 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इस संवेदनशील मामले में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है। उन्होंने कहा कि देश में फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था होने के बावजूद इस मामले को वर्षों तक लंबित रखना न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले के लिए एक विशेष अदालत का गठन किया जाए, सभी आरोपियों को तलब किया जाए और शीघ्र सुनवाई कर न्याय दिलाया जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण का मुद्दा आज तक अधूरा है। राज्य गठन के वर्षों बाद भी आंदोलनकारियों की पहचान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है, जो सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से सरकार केवल आश्वासन देती आ रही है, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दो महीने पहले विधानसभा घेराव के दौरान आंदोलनकारियों और गृह सचिव के बीच करीब दो घंटे तक वार्ता हुई थी। उस दौरान 15 दिनों के भीतर कैबिनेट में नया कानून और प्रस्ताव लाने का भरोसा दिया गया था। लेकिन तीन महीने बीत जाने और पांच कैबिनेट बैठकों के बाद भी इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने सरकार पर आंदोलनकारियों के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर उनके संघर्ष और बलिदान का अपमान है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे आगे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान पूर्व सांसद महेंद्र पाल, राज्य आंदोलनकारी रमन शाह समेत कई अन्य आंदोलनकारी भी मौजूद रहे।