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नैनीताल:ग्रीन बेल्ट में नैनी रिट्रीट के समीप हो रहे भारी निर्माण कार्य के ध्वस्तीकरण आदेशो की हुई अवहेलना, सड़क पर आई दरारें, दरारों से मंडराया पूरे क्षेत्र पर ख़तरा,अब दरारें छुपाने की कोशिश

editor
  • Kanchan Verma
  • January 29, 2022 06:01 AM
Nainital: Demolition orders were disregarded for heavy construction work being done near Naini Retreat in Green Belt, cracks on the road, cracks hovered over the entire area, now trying to hide the cracks

नैनीताल शहर के ग्रीन बेल्ट में भारी निर्माण पर प्राधिकरण के सील लगाने के आदर्शों के बाद ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए  गए थे,जिसके लिए नैनी रिट्रीट होटल को एक सप्ताह का समय दिया गया,लेकिन आज एक सप्ताह बाद भी होटल द्वारा उक्त भारी निर्माण को ध्वस्त नही किया गया बल्कि अब वहाँ भारी निर्माण कार्य के चलते सड़क पर दरारें आ गयी है जिससे पूरे क्षेत्र पर ही खतरा मंडराने लगा है।उन दरारों को छुपाने के लिए वहां बजरी और रेत भरी जा रही है। प्राधिकरण के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

आपको बता दें कि प्राधिकरण द्वारा जारी ध्वस्तीकरण के आदेश में लिखा था कि उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम 1975 की धारा 27(1) कारण बताओ नोटिस  होटल परिसर में सड़क किनारे आरसीसी कॉलम काट कर निर्माण कार्य पर जारी किया गया था,ये स्थल वनाच्छादित क्षेत्र के अंतर्गत आता है जिसमे किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य अनुमन्य नही है। उक्त वाद में 18 जनवरी नियत करते हुए विपक्षी(होटल) को उपस्थित होने के लिए सूचित किया गया था परंतु नियत तिथि तक न तो विपक्षी उपस्थित हुए न ही विपक्षी द्वारा कोई लिखित रूप से कोई कथन प्रस्तुत किया गया।इस वनाच्छादित क्षेत्र में मानचित्र भी स्वीकृत नही किया जा सकता है इसीलिए यहां होटल द्वारा किये जा रहे अवैध निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण के अतिरिक्त कोई विकल्प नही है। विपक्षी को एक सप्ताह के भीतर उक्त निर्माण कार्य को ध्वस्त करने के आदेश दिए गए है अन्यथा प्राधिकरण द्वारा उक्त निर्माण कार्य को ध्वस्त किया जायेगा। 
ये मामला आवाज़24x7 इंडिया ने प्रमुखता से उठाया था,जिसके बाद आवाज़ संवाददाता को होटल से फ़ोन करके कॉफ़ी और लंच पर आमंत्रित करने का (लालच) दिया गया परंतु निष्पक्ष पत्रकारिता करते हुए और शहर को बचाने की मुहिम में लगातार बने रहने पर आवाज़ संवाददाताओं ने मामले में एमडी कुमाऊं मंडल विकास निगम नरेंद्र भंडारी, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत,सचिव झील विकास प्राधिकरण को लगातार ग्रीन बेल्ट में हो रहे भारी निर्माण कार्य से अवगत करवाया जिसके बाद अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए उक्त निर्माण कार्य पर रोक लगवाई और ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर दिए परन्तु अभी तक वहां ध्वस्तीकरण नही हुआ है,वरन अब दरारें और आ गयी है जो आने वाले समय मे किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।
आपको बता दें कि नैनीताल शहर ग्रीन बेल्ट में आता है सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशानुसार यहां भारी निर्माण कार्य पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है बावजूद इन आदेशों के आये दिन यहाँ बड़े बड़े बिल्डर्स और लोग अवैध और अनाधिकृत निर्माण कार्य करते रहते हैं,और इन मामले में प्राधिकरण की भूमिका हमेशा ही संदेह के दायरे में रही है। बीते दिनों जिला मुख्यालय में 10 से ज़्यादा अवैध निर्माण कार्य सामने आए है,ये वो निर्माण कार्य है जो प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे रहे है इनके अलावा शहर में और न जाने कितनी जगह टीन शेड की आड़ में ऐसे अवैध निर्माण कार्य होते रहते है। प्राधिकरण अगर इन अवैध निर्माण कार्यो पर नज़र रखे तो शहर और ज़्यादा कंक्रीट के जंगल मे तब्दील होने से बच जाए।


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