नैनीताल:पर्यटन सीजन खत्म होते ही रोजगार भी खत्म,सालभर चले पर्यटन का पहिया, तभी रुकेगा पलायन: अखिलेश सेमवाल
नैनीताल में सालभर पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने की मांग, रोजगार और पलायन पर फोकस
नैनीताल जिले में पर्यटन को सिर्फ सीजन तक सीमित रखने के बजाय पूरे साल पर्यटन गतिविधियां संचालित करने की मांग उठी है। जिला नैनीताल पर्यटन गतिविधि प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अखिलेश सेमवाल ने उत्तराखंड सरकार के पर्यटन सचिव से जिले के अलग-अलग पर्यटन क्षेत्रों के लिए वर्षभर का योजनाबद्ध पर्यटन कैलेंडर तैयार करने का आग्रह किया है।
अखिलेश सेमवाल का कहना है कि नैनीताल जनपद की पर्यटन के क्षेत्र में देशभर में अलग पहचान है, लेकिन पर्यटन गतिविधियां मुख्य रूप से कुछ चुनिंदा सीजन तक सीमित रहने के कारण स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं बन पा रहे हैं। इसका असर बेरोजगारी के साथ ही पलायन पर भी पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि रोजगार के बेहतर अवसर नहीं मिलने पर स्थानीय उद्यमी, कुशल और अकुशल युवा दूसरे शहरों और राज्यों का रुख कर रहे हैं। बाहर जाने के बाद युवाओं का वापस लौटना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पर्यटन को मौसमी गतिविधि के बजाय वर्षभर रोजगार और स्वरोजगार का माध्यम बनाने की जरूरत है।
अलग-अलग क्षेत्रों में अलग पर्यटन मॉडल की जरूरत
सेमवाल ने कहा कि नैनीताल, भीमताल, नौकुचियाताल, मुक्तेश्वर, कोटाबाग, सातताल, पदमपुरी और हरिशताल समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यटन की अलग-अलग संभावनाएं मौजूद हैं।
भीमताल और नौकुचियाताल में वॉटर स्पोर्ट्स को बड़े स्तर पर विकसित किया जा सकता है। यहां प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित कर पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
वहीं मुक्तेश्वर, कोटाबाग, सातताल, पदमपुरी और हरिशताल जैसे क्षेत्रों में ट्रैकिंग, कैंपिंग, नेचर वॉक, एडवेंचर टूरिज्म और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की जरूरत है। इससे पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा और पर्यटन का आर्थिक लाभ नैनीताल शहर तक सीमित न रहकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगा।
पर्यटन गतिविधियों का सालभर कैलेंडर बनाने की मांग
अखिलेश सेमवाल ने पर्यटन विभाग से नैनीताल जिले के लिए वर्षभर का पर्यटन गतिविधि कैलेंडर तैयार करने की मांग की है। इसमें अलग-अलग मौसम और क्षेत्रों की विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, एडवेंचर एक्टिविटी और अन्य पर्यटन आयोजनों को शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि एडवेंचर टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स, ट्रैकिंग, इको-टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन और स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा देकर नैनीताल को सालभर सक्रिय पर्यटन केंद्र बनाया जा सकता है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, पलायन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।