नैनीताल: नगर पालिका में गूंजी पर्यावरण मित्रों की हुंकार: 13 अप्रैल से ठप हो सकते हैं शहर के सफाई कार्य
नैनीताल। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित 4 सूत्रीय मांगों को लेकर नगर पालिका परिषद कार्यालय में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। पर्यावरण मित्रों ने अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की और प्रशासन की उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया। संघ के महासचिव सानू सहदेव ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से किरायेदारी, प्रतीक्षा सूची और एसीपी समेत अन्य जायज मांगों को लेकर प्रशासन से लगातार वार्ता कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। बार-बार की बातचीत के बावजूद प्रशासन की तरफ से इन मुद्दों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई, जिससे सफाई कर्मचारियों में गहरा असंतोष फैल गया है। सहदेव ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “यदि 12 अप्रैल तक हमारी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो हम मजबूर होकर 13 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे।” उन्होंने आगे कहा कि आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।
सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
किरायेदारी का शीघ्र निपटारा
प्रतीक्षा सूची में शामिल कर्मचारियों की समस्या का समाधान
एसीपी का लाभ समय पर देना
अन्य लंबित सेवा संबंधी मुद्दों का निस्तारण
धरना स्थल पर सफाई कर्मचारी अपने परिवार सहित मौजूद रहे और नारेबाजी करते हुए प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की। पर्यावरण मित्रों ने कहा कि वे शहर की सफाई व्यवस्था सुचारू रखने में दिन-रात लगे रहते हैं, लेकिन उनकी अपनी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। नैनीताल नगर पालिका प्रशासन पर अब दबाव बढ़ गया है। अगर 12 अप्रैल तक मांगें नहीं मानी गईं, तो 13 अप्रैल से शुरू होने वाला धरना न केवल नैनीताल की सफाई व्यवस्था प्रभावित कर सकता है, बल्कि पर्यटन सीजन में शहर की छवि पर भी असर डाल सकता है।