नैनीतालः लेक ब्रिज चुंगी में वाहन शुल्क में अनियमितता का मामला! धनराशि जमा होने के बाद भी खड़े हो रहे कई सवाल, पढ़ें क्या है पूरा मामला?
नैनीताल। लेक ब्रिज चुंगी तल्लीताल नैनीताल में झील संरक्षण के नाम पर प्रति वाहन दस रुपये शुल्क लिए जाने की अनियमितता का मामला वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार शाह द्वारा आरटीआई से उजागर करने के बाद झील विकास प्राधिकरण और नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया था जिसके बाद तल्लीताल से शहर की ओर आने वाले प्रति वाहन से झील संरक्षण के लिए जमा की गई धनराशि को ठेकेदार द्वारा प्राधिकरण को करीब 12 लाख 80 हजार रुपये बैंक द्वारा दिये गए। आरटीआई के बाद ही ये धनराशि प्राधिकरण को दी गयी लेकिन यहां इस धनराशि के जमा करने के बाद भी कई सवाल खड़े हो रहे है।
ठेकेदार द्वारा प्रत्येक तिमाही किश्त प्राधिकरण को जमा करवानी थी, लेकिन ये राशि प्रत्येक तिमाही जमा नही हुई और न ही ये स्पष्ट किया गया कि आखिर 12 लाख 80 रुपये की धनराशि किस आधार पर दी गयी,इसके लिए क्या कोई समिति का गठन किया गया था? क्या झील संरक्षण के नाम पर जो धनराशि लेक ब्रिज चुंगी से एकत्र कर प्राधिकरण को दी जानी थी उस धनराशि पर क्या विलंब ब्याज का भुगतान जोड़कर ये धनराशि प्राधिकरण के खाते में जमा करवाई गई है? इसके अलावा एक और सवाल खड़ा होता है कि प्राधिकरण की ओर से जो बैंक अकाउंट ठेकेदार को दिया गया वो अकाउंट नया नही है बल्कि पुराना ही है जबकि प्राधिकरण ने नगर पालिका को ये खाता संख्या बताने में एक महीने का समय लगाया जिसकी सूचना 28 मार्च 2023 को दी गयी।
यानी प्राधिकरण ने बैंक खाता न बताकर भी लापरवाही की,वही नगर पालिका ने भी झील संरक्षण के नाम पर एकत्रित हो रही धनराशि को ये कहकर जमा नही किया कि उनके पास प्राधिकरण का कोई खाता संख्या नही है। आरटीआई के बाद पुराना ही खाता नगर पालिका को दिया गया,जिसमे ठेकेदार ने 17 अप्रैल 2023 को 12 लाख 80 हज़ार रुपये की राशि जमा करवाई।इसीलिए नगर पालिका का तर्क कहीं भी न्यायसंगत नही है,ये भी एक जांच का विषय मालूम पड़ता है।