नैनीताल:18 अक्टूबर-आपदा के ज़ख्म!पिछले साल आज ही के दिन नैनीताल में आई थी आपदा!नैनीताल हो गया था जलमग्न, झील के पानी से नयना देवी मंदिर भी हो गया था लबालब
नैनीताल:18/10/2022
बीते वर्ष आज ही के दिन 18 अक्टूबर को नैनीताल में आपदा आयी थी। पिछले वर्ष मौसम विभाग ने 17 अक्टूबर के वर्षा अलर्ट जारी किया था शाम होते ही भारी बारिश शुरु हो गयी और 18 अक्टूबर को दिन तक नैनी झील ओवर फ्लो हो गयी थी। नैनी झील का जलस्तर 12 फिट से ऊपर पहुंच गया जिसके बाद सिंचाई विभाग ने झील से पानी की निकासी शुरू की लेकिन भारी से भी अति भारी वर्षा की वजह से हालात असमान्य हो गए और 18 अक्टूबर की शाम तक झील का पानी ओवरफ्लो होकर मॉल रोड नैना देवी मंदिर के प्रांगण में पहुंच गया।

मंदिर में झील का पानी इस कदर पहुंच गया था कि मंदिर में लोग तैरने तक लगे थे,इसकी वीडियो भी सोशल मीडिया में खूब वायरल हुई थी। बीते वर्ष की अतिवृष्टि में वर्ष 1993 में बाद करीब 28 वर्ष बाद झील के निकासी गेट खुले होने के बावजूद झील ओवरफ्लो हो गयी थी।

हाइड्रोलिक गेट 18 इंच तक और पुराने गेट 13 इंच तक लगातार खोले रखने के बावजूद नैनीझील का जलस्तर कम होने का नाम नही ले रहा था,भवाली रोड पर बाढ़ जैसी स्थिति बन गयी थी एसडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला और उस बाढ़ से रेस्क्यू टीम की चेन बनाकर कई लोगो को सुरक्षित निकाला,इस पूरी घटना की वीडियो भी सोशल मीडिया में खूब वायरल हुई थी।

भारी बारिश की वजह से शहर को जोड़ने वाले भवाली,हल्द्वानी, कालाढूंगी तीनो मार्ग सहित करीब 18 मार्ग बंद हो गए थे। जिसका असर नैनीताल ही नही बल्कि आसपास के इलाकों में भी पड़ा सामान्य जनजीवन असंतुलित हो गया,बिजली पानी की आपूर्ति ठप हो गयी,कई लोगो के मकान जमीदोज हो गए। 5 राज्यो से संपर्क टूट गया। आपदा के कुछ दिन बाद लोगो ने आपदा में क्षतिग्रस्त हुई सड़को को ठीक करवाने की मांग की क्योंकि चुनाव होने थे तो लोगो ने रोड नही तो वोट नही तक के नोटिस जगह जगह चिपका दिए थे।

उधर कोसी शिप्रा गौला रामगंगा महाकाली के साथ ही जिले की कई नदियां और जल धाराएं उफान पर आ गई,सैकड़ो जगह भूस्खलन हुआ ज़्यादातर सड़के बाधित हो गयी थी।दूरस्थ इलाको में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। कई लोगो को खतरे की जगह से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर विस्थापित किया गया।

पिछले साल की आपदा में प्रभावित हुए कई लोग आज भी आपदा के ज़ख्मो से उभर नही पाए है। रामगढ़,झुतिया,बोहराकोट, भवाली,जैसे कई इलाकों के लोग आज भी मुआवजे की राह देख रहे है।कई बार विस्थापन की मांग करने के बावजूद प्रभावित लोगों को विस्थापित नही किया गया। कुछ प्रभावित लोगों ने हाल ही में एडीएम को विस्थापित किये जाने की मांग को लेकर ज्ञापन तक सौंपा।

आज पिछले साल नैनीताल में आई आपदा की बरसी है,जिसके ज़ख्म आज भी ताज़ा है। जो लोग आपदा प्रभावित हुए उनके लिए आज का दिन किसी दुःस्वप्न से कम नही है। इस वर्ष बीते दिनों भी भारी बारिश ने पिछले साल की आपदा को याद दिलाया,और लोग फिर सहम गए।

पिछले कुछ सालों से मॉनसून बीत जाने के बाद भी बारिश होती रहती है,वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम चक्र असंतुलित होने की वजह से ऐसा हो रहा है,इस वर्ष नैनीताल में 15 सितंबर के बाद यानी मॉनसून बीत जाने के बाद भी 314 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई,जबकि बीते वर्ष अक्टूबर में 17 की शाम से लेकर 19 की सुबह तक तीन दिनों में 595 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।
सात वर्षों में यह रहा जनवरी से आठ अक्टूबर तक वर्षा का आंकड़ा
वर्ष- वर्षा मिमी में
2022- 1422
2021- 1833
2020- 1569
2019- 1481
2018- 2035
2017- 3411
2016- 3248
जलवायु परिवर्तन की वजह से मौसम विभाग भी आश्चर्य है हर वर्ष मॉनसून बीत जाने के बाद भी भारी बारिश अपना कहर दिखा रही है जो आने वाले समय के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
फ़ोटो साभार:गूगल
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