नैनीताल:रुद्र पूजा में गूंजा ‘ॐ नमः शिवाय’, भक्ति में डूबे श्रद्धाल!विश्व कल्याण की हुई प्रार्थना
नैनीताल। श्रावण मास के पावन अवसर पर सरोवर नगरी नैनीताल रविवार को भगवान शिव की भक्ति में डूबी नजर आई। आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस वुमेंस कलेक्टिव की ओर से 9 अगस्त को गोवर्धन कीर्तन हॉल में भव्य रुद्र पूजा एवं रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और शिव भजनों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।

रुद्र पूजा के दौरान वैदिक मंत्रों की गूंज और श्रद्धालुओं की आस्था ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान शिव की आराधना की और विश्व शांति, मानव कल्याण, प्रकृति के संतुलन तथा समस्त प्राणियों के मंगल की सामूहिक प्रार्थना की।

पूजन एवं रुद्र मंत्रोच्चार आर्ट ऑफ लिविंग के स्वामी अमृतानंद जी, वेद पंडित रोहित शर्मा, अंशु कुमार तथा VDS उत्तराखंड पूजा समन्वयक रेश्मा टंडन के सान्निध्य में संपन्न हुआ। इस दौरान बताया गया कि वैदिक धर्म संस्थान की ओर से उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों और शहरों में रुद्र पूजा के आयोजन किए जा रहे हैं।
वैदिक मंत्रों की प्रभावशाली स्वरधारा के बीच श्रद्धालुओं ने ध्यान और आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया। पूजा के बाद हल्द्वानी से पहुंची वासुकी फ्यूज़न की टीम ने शिव भजनों की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं। भजनों के बीच पूरा सभागार 'हर-हर महादेव' और 'ॐ नमः शिवाय' के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु शिव भक्ति में भाव-विभोर नजर आए।
आयोजन की सफलता में हैप्पीनेस वुमेंस कलेक्टिव की सदस्याओं रेश्मा टंडन, सुनीता वर्मा, संगीता साह, प्रेमलता गोसाईं, मंजू नेगी, सिम्मी अरोड़ा, सोनी अरोड़ा, कविता जोशी, शिखा साह, कामना कम्बोज, बीना शर्मा, कविता गंगोला, पूजा शाही, जीवंती गोसाईं, उमा कांडपाल, ज्योति मेहरा, किरण टंडन, मधु बिष्ट, संध्या तिवारी, मंजू बिष्ट, ममता गंगोला, कविता सनवाल, रीना सामंत, वंदना मेहरा, विमला कफलतिया, वैशाली बिष्ट, श्वेता अरोड़ा, निहारिका गोसाईं, रमा तिवारी, पूजा मल्होत्रा, नेहा डालाकोटी और सोमा शाह का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
कार्यक्रम में वरिष्ठतम सदस्य गोपाल सिंह बिष्ट की गरिमामयी उपस्थिति भी रही।
रुद्र पूजा में विधायक सरिता आर्य, सरस्वती खेतवाल, त्रिभुवन त्रिपाठी, ईशा साह, आशा शर्मा, मंजू कोटलिया, ललित तिवारी, संजय साह, अखिलेश और अनुपमा साह सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक एकता, सेवा भावना और भारतीय वैदिक परंपरा का सुंदर संगम बताया।