नैनीतालः नगर पालिका की मनमानी के खिलाफ खोला मोर्चा! अधिशासी अधिकारी को लिखा पत्र, आवासों के किराया बढ़ोत्तरी को वापस लेने की मांग
नैनीताल। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी विजय साह रमेश पांडे शेर सिंह सहित तमाम लोगो ने नगर पालिका नैनीताल के द्वारा पालिका के आवासों का किराए मनमाने तरीके से बढाने के विरोध में मोर्चा खोल लिया है। पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी ने कहा है कि समाचार पत्रों से सूचना मिली है कि नगरपालिका द्वारा अपने आवासो का किराया बिना जानकारी के 3000 रू प्रति माह कर दिया है जो गलत है एवं नियमाकूल नहीं है। इसे पूर्व वत ही रहने दिया जाए। शासन द्वारा किराये हेतु अधिनियम बनाया है उसका पालन किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि पालिका द्वारा किस नियम से बढ़ोतरी की है उसकी प्रति उपलब्ध कराने का कष्ट करें। पूर्व में शासना देश स0 5366ए/119प दि01सितम्बर 1977 के आधार पर किराया बढाया जाता रहा है। कमेटी लाइन के अलावा शहर के अन्य क्षेत्रों में भी पालिका ने बिना पूर्व सूचना दिए आवासों का किराया बढ़ा दिया जबकि ये लोग पहले से ही किराए में है,बिना इनको सूचित किये पालिका किराया कैसे बढ़ा सकती है? उन्होंने ये भी कहा कि किराया बढ़ाइए लेकिन शासनादेश के मुताबिक हर 5 साल में साढ़े 12 % तक ही किराया बढ़ाया ज सकता है। वही पालिका ने अवैध हो या वैध सबको एक ही तराजू में रख दिया है,जिनके पास एक कमरा है उससे भी 3 हज़ार जिनके पास 4 कमरे है उससे भी 3 हज़ार लेंगे,ये किस नियम के तहत किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि इस बढ़े हुए किराए के ऊपर 18 % जीएसटी लगाई जाएगी,साथ मे सफाई कर इत्यादि लगा कर ये किराया 5 हज़ार से भी ज़्यादा हो जाएगा ऐसे में जिन लोगो की आय 5 हज़ार से कम या 5 हज़ार है वो ये बढ़ा हुआ किराया हर महीने कैसे दे सकेंगे?जबकि अभी तक म्युनिसिपल एक्ट के तहत वार्षिक किराया लिया जाता है और अब पालिका अब मासिक किराया जबरन थोप रही है,नगर पालिका का कार्य लोगो को छत मुहैया करवाना है लेकिन पालिका अब मनमानी पर उतर आई है पिछले कई सालों से पालिका ने नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले किसी भी आवास में एक कील तक नही लगाई है इन आवासों में रह रहे लोगो ने खुद इन घरों को रहने लायक बनाया है।उन्होंने ये भी कहा कि पालिका पूर्व में दुकानों का किराया बढ़ाने वाली थी लेकिन वो मामल तो ठंडे बस्ते में डाल दिया गया और जो लोग बड़ी मुश्किल से जीवन यापन कर रहे है उनपर अपनी मनमानी थोपी जा रही है। पालिका ने ही पूर्व में तय किया था किराया सर्कल रेट के हिसाब से बढ़ाया जाएगा,और लोगो की राय ली जायगी, लेकिन पालिका ने किसी की आपत्ति तक दर्ज नही की। उन्होंने ये भी कहा कि पालिका ईमानदारी से पार्किंग,चुंगी इत्यादि का ठेके तो करवा नही रही है गरीबो के किराए बढ़ा कर पालिका की आमदनी बढ़ाने पर तुली है। उन्होंने ये भी कहा कि मात्र किराया बढ़ा देने से या माग रजिस्टर में दर्ज करने से कुछ हासिल नहीं होना है क्योकि करोड़ों की मांग आपके रजिस्टर में दर्ज है,आप कितनी वसूली कर रहे हैं, आपके भवन में बिजली, पानी और शिक्षा विभाग के कार्यालय है जिनकी किराये की डिमांड है क्या इनसे पूर्ण वसूली कर ली है तीन
माह से कर्मचारियो के वेतन और पैशन का भुगतान नहीं हुआ है, ऐसी ठंड मे कैसे गुजारा हो रहा होगा, राम ही जाने । उन्होंने पालिका से इस विषय पर दोबारा विचार करने की अपील की है और कहा कि यदि पालिका मनमाने तरीके से किराया बढ़ाएगी तो हम कोर्ट में जाएंगे इसीलिए पालिका को चाहिए कि भविष्य में ऐसी असुविधा से बचने का प्रयास करें।