नैनीताल:शहर के मुद्दों पर सीएम से मिलने पहुंचे पुनीत टंडन,प्रशासन ने जानबूझकर नहीं दिया मिलने,पुलिस ने घेरकर बातचीत में उलझाया!टंडन ने साफ कहा नैनीताल के मुद्दों पर पीछे हटने वाला नहीं
नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मंगलवार को नैनीताल दौरे के दौरान मुख्यमंत्री से मुलाकात कर शहर की समस्याओं से जुड़ा ज्ञापन सौंपने पहुंचे माँ नयना देवी नैनीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन की मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। टंडन ने आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री तक पहुंचने से रोकने के लिए ऐसी स्थिति पैदा की कि वह ज्ञापन सौंपने का मौका ही नहीं पा सके।
टंडन के मुताबिक, मुख्यमंत्री के नैनीताल आगमन पर वह लोअर मॉल रोड, सीवर व्यवस्था और व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर ज्ञापन देना चाहते थे। चूंकि मुख्यमंत्री नयना देवी मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, इसलिए धार्मिक आयोजन के दौरान मुलाकात का प्रयास करने के बजाय उन्होंने सेंट जोजफ कॉलेज के हेलीपैड पर मुख्यमंत्री से मिलने की योजना बनाई।
टंडन का कहना है कि हेलीपैड पर वह शांति मेहरा, अरविंद पड़ियार, हुकुम सिंह सहित व्यापारियों के प्रतिनिधियों और अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद थे। लेकिन मुख्यमंत्री के पहुंचने का समय नजदीक आते ही कथित तौर पर 10-12 पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेर लिया।
टंडन का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें बातचीत में उलझाए रखा और इधर-उधर ले जाकर अन्य लोगों से अलग कर दिया। उनके मुताबिक, पूरी प्रक्रिया ऐसी रही कि वह मुख्यमंत्री तक पहुंच ही नहीं सके।
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। टंडन ने एडीएम विवेक राय से फोन पर संपर्क करने का प्रयास भी किया। उनके अनुसार, एडीएम ने मुख्यमंत्री के चॉपर में बैठने के बाद फोन उठाया और बताया कि मुख्यमंत्री अब चॉपर में सवार हो चुके हैं। यानी ज्ञापन हाथ में रहा और मुख्यमंत्री नैनीताल से रवाना हो गए।
इस घटनाक्रम के बाद पुनीत टंडन ने प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की रणनीति से नैनीताल के मुद्दों पर उठने वाली आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से आज मुलाकात नहीं हो पाई तो आगे देहरादून जाकर उनसे मुलाकात की जाएगी, लेकिन लोअर मॉल रोड, सीवर व्यवस्था, शहर की बदहाली और व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका अभियान जारी रहेगा।
टंडन ने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो नैनीताल से जुड़े मामलों को उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय तक ले जाया जाएगा। उन्होंने प्रशासन और पुलिस को संदेश देते हुए कहा कि आवाज रोकने के प्रयास से उनका संघर्ष खत्म होने वाला नहीं है।
अपने बयान में टंडन ने कहा कि नैनीताल को बचाने और व्यापारियों के हितों के लिए उनका संकल्प आज के घटनाक्रम के बाद और मजबूत हुआ है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को माँ नयना देवी और नीब करौरी बाबा का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि इससे उन्हें आगे संघर्ष करने की और शक्ति मिली है।