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नैनीताल:सड़क बंद, धरना जारी और बढ़ती तारीखें!लोअर मॉल रोड पर PWD का 10 अक्टूबर का आश्वासन,धरने पर बैठे पुनीत टंडन ने गुणवत्ता के लिए दी 10 नवंबर तक की मोहलत

editor
  • Kanchan Verma
  • August 18, 2026 04:08 PM
Nainital: Road closed, protest continues, and deadlines are being extended! PWD promises October 10th for Lower Mall Road; protester Puneet Tandon gives deadline until November 10th for quality assurance.

नैनीताल। नैनीताल की लोअर मॉल रोड के लंबे समय से बंद होने और निर्माण कार्य में देरी को लेकर चल रहे धरने के बीच अब सड़क खोलने को लेकर नई समयसीमा सामने आई है। जहां लोक निर्माण विभाग ने 10 अक्टूबर 2026 तक लोअर मॉल रोड को यातायात के लिए खोलने का प्रयास करने का लिखित आश्वासन दिया है। वहीं आंदोलनकारी पुनीत टंडन ने जल्दबाजी में काम पूरा करने के बजाय गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग को 10 नवंबर तक का समय देने की घोषणा की है।

 

माँ नैना देवी नैनीताल व्यापार मंडल को भेजे पत्र में PWD के अधीक्षण अभियंता द्वितीय वृत्त, नैनीताल ई. राजेश कुमार पंत ने लोअर मॉल रोड के निर्माण की वर्तमान स्थिति और देरी के कारणों की जानकारी दी है। विभाग के अनुसार वर्ष 2018 में लोअर मॉल रोड का एक हिस्सा भू-धंसाव के कारण नैनी झील में समा गया था। करीब 40 मीटर क्षतिग्रस्त हिस्से के सुधारीकरण और झील की तरफ हो रहे भू-धंसाव को रोकने के लिए 348.01 लाख रुपये की स्वीकृति एसडीएमएफ मद में मिली थी।

इस कार्य के लिए सात बार ई-निविदा दो-बिड प्रणाली से आमंत्रित की गई। सातवीं बार चार निविदाएं प्राप्त हुईं, जिनमें न्यूनतम निविदादाता मैसर्स स्टारकॉन इन्फों प्रोजेक्ट की दरें स्वीकृत हुईं। इसके बाद 25 अप्रैल 2025 को 345.99 लाख रुपये का अनुबंध गठित किया गया।

PWD के मुताबिक लोअर मॉल रोड के सिंकिंग जोन के पुनर्स्थापन और सुदृढ़ीकरण का कार्य 22 सितंबर 2025 से शुरू हुआ और इसे नौ माह में यानी 21 जून 2026 तक पूरा किया जाना था। मूल योजना के तहत करीब 40 मीटर हिस्से में माइक्रोपाइल और आरसीसी स्लैब के माध्यम से काम किया जाना था। विभाग का कहना है कि अनुबंध के तहत प्रस्तावित 122 एसडीआरए सीमेंट ग्राउटिंग का काम पूरा हो चुका है, जबकि माइक्रोपाइलिंग ड्रिलिंग वर्तमान में जारी है।

30 मीटर अतिरिक्त सड़क भी हुई क्षतिग्रस्त

विभाग ने निर्माण में देरी के पीछे कई तकनीकी कारण बताए हैं। पत्र के अनुसार 14 सितंबर 2025 को पहले से प्रभावित हिस्से के अतिरिक्त करीब 30 मीटर लोअर मॉल रोड और क्षतिग्रस्त हो गई। जनसुरक्षा को देखते हुए मार्ग बंद करना पड़ा और इसके बाद 22 सितंबर से पुनर्स्थापन एवं सुदृढ़ीकरण का काम शुरू किया जा सका।

इसके बाद स्थल की वास्तविक भू-तकनीकी परिस्थितियों को देखते हुए प्रस्तावित डिजाइन की दोबारा तकनीकी जांच कराई गई। शुरुआत में करीब 350 मिलीमीटर माइक्रोपाइल ड्रिलिंग का काम प्रस्तावित था, लेकिन प्रकरण को टीएचडीसी के समक्ष तकनीकी परीक्षण और पुनः डिजाइन के लिए भेजा गया। 10 अप्रैल 2026 को संशोधित डिजाइन उपलब्ध कराया गया।

संशोधित डिजाइन के तहत 300 मिलीमीटर माइक्रोपाइल की ड्रिलिंग ओडेक्स पद्धति से किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके चलते मशीन और सामग्री में बदलाव करना पड़ा। वहीं माइक्रोपाइल की संख्या भी 42 से बढ़ाकर 51 कर दी गई। विभाग के अनुसार इससे कार्य का दायरा और तकनीकी जटिलता दोनों बढ़ीं और निर्माण अवधि भी प्रभावित हुई।

PWD ने यह भी बताया कि जुलाई और अगस्त में चल रही पवित्र कांवड़ यात्रा के कारण केसिंग पाइप आदि सामग्री लाने में कुछ दिनों का विलंब हुआ। विभाग के मुताबिक कार्य में देरी मुख्यतः तकनीकी परिस्थितियों, डिजाइन परिवर्तन और अतिरिक्त कार्यक्षेत्र के कारण हुई है तथा निर्णय टीएचडीसी के तकनीकी परामर्श के अनुसार लिए गए हैं।

10 अक्टूबर तक सड़क खोलने का प्रयास

PWD ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में माइक्रोपाइलिंग का काम चल रहा है। इसके बाद आरसीसी स्लैब की कास्टिंग की जाएगी। ठेकेदार के वर्क प्रोग्राम के अनुसार 10 अक्टूबर 2026 तक मार्ग को यातायात के लिए खोलने का पूर्ण प्रयास किया जाएगा। हालांकि किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में टीएचडीसी से परामर्श लिया जाएगा और इससे वर्क प्रोग्राम प्रभावित हो सकता है।

विभाग ने माँ नैना देवी व्यापार मंडल से कार्यस्थल की परिस्थितियों को देखते हुए धरना समाप्त करने और राजकीय कार्य में सहयोग करने की अपील भी की है।

23 सितंबर से पहले सीमित पैदल आवाजाही की तैयारी

PWD के पत्र में माँ नंदा सुनंदा देवी के प्रस्तावित डोले को लेकर भी महत्वपूर्ण आश्वासन दिया गया है। विभाग ने कहा है कि 23 सितंबर 2026 से पूर्व सुरक्षित उपाय करते हुए सीमित पैदल यात्रियों के लिए मार्ग खोलने का पूर्ण प्रयास किया जाएगा, ताकि धार्मिक आस्था से जुड़े आयोजन को प्रभावित न होना पड़े।

 

 

पुनीत टंडन बोले, गुणवत्ता से समझौता नहीं

PWD का पत्र मिलने के बाद धरना स्थल से पुनीत टंडन ने कहा कि विभाग के उच्च अधिकारी ई. राजेश पंत की ओर से लिखित कमिटमेंट प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पत्र में 23 सितंबर को माँ नैना देवी का डोला उसी रास्ते से सीमित लोगों के साथ निकालने और 10 अक्टूबर तक लोअर मॉल रोड को यातायात के लिए खोलने की बात कही गई है।

हालांकि टंडन ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ सड़क खुलवाना नहीं, बल्कि गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूरा करवाना है। उन्होंने कहा कि यदि गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग को अतिरिक्त समय चाहिए तो एक माह और लिया जा सकता है।

टंडन के अनुसार, “आप चाहें तो एक माह और लीजिए, 10 नवंबर तक का समय लीजिए, लेकिन गुणवत्ता के साथ काम पूरा करिए।” उन्होंने कहा कि PWD की ओर से 10 अक्टूबर की तारीख लिखित रूप में दी गई है, लेकिन उनकी ओर से 10 नवंबर तक की डेडलाइन तय की जा रही है, ताकि निर्माण कार्य में जल्दबाजी न हो।

अन्न-जल त्यागने का फैसला फिलहाल टला, धरना जारी

पुनीत टंडन ने कहा कि PWD का लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अन्न-जल त्यागने का निर्णय फिलहाल कल तक के लिए स्थगित कर दिया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि धरना समाप्त नहीं हुआ है।

उन्होंने बताया कि अगले दिन धरना स्थल पर मौजूद लोगों के साथ वार्ता और विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आंदोलन की आगे की रूपरेखा और प्रशासन के सामने उठाए जाने वाले अन्य मुद्दों की जानकारी दी जाएगी।

टंडन ने कहा कि लोअर मॉल रोड को लेकर संघर्ष केवल सड़क खोलने तक सीमित नहीं है। यह नैनीताल शहर की धार्मिक आस्था और शहर को बचाने की आगे की मुहिम से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के सामने शहर से जुड़े अन्य मुद्दों को भी मजबूती से रखा जाएगा।

अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 21 जून 2026 तक पूरा होने वाला काम अब 10 अक्टूबर तक पूरा होता है या नहीं। PWD ने जहां 10 अक्टूबर तक यातायात शुरू करने का प्रयास करने की बात कही है, वहीं आंदोलनकारियों ने गुणवत्ता के लिए 10 नवंबर तक की मोहलत दी है। ऐसे में अब नजर निर्माण की रफ्तार और गुणवत्ता, दोनों पर रहेगी।


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