नैनीतालः भीमताल झील की दुर्दशा पर समाजसेवी बृजवासी ने जताई चिंता! शासन-प्रशासन से उठाई सफाई की मांग
भीमताल। झील प्रेमी एवं समाज सेवी बृजवासी ने भीमताल झील की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल झील सफाई, नालों से समाने वाले गाद-मिट्टी निकासी एवं रोकथाम की मांग की है। कहा कि भीमताल झील की सफाई का मामला लगभग 3 दशक से अधर पर लटका है, नगरवासी एवं पर्यटन व्यवसायी झील की सफाई न होने व उसमें दिखने वाले डेल्टा एवं झील का जल स्तर कम होने से काफी चिंतित है। यहां मल्लीताल छोर पर डेल्टा मैदान में झील परिवर्तित होते दिखाई देने लग गयी है, दिनोंदिन झील का पानी प्रदूषित होता जा रहा है और गाद-मिट्टी भरने से झील की गहराई कम हो रही है। समाजसेवी बृजवासी ने कहा कि वह अब तक कई बार नैनीताल जिला प्रशासन को भीमताल झील की मुख्य समस्या से अवगत करा चुके हैं, साथ ही झील के लिए विशेष योजना एवं बजट स्वीकृति की मांग कर चुके हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहां कि विभागीय सर्वे के आकड़े बताते हैं कि 1985 में झील की गहराई 22 मीटर थी, जबकि वर्तमान में घटकर 17 मीटर ही रह गई है। साथ ही वर्ष 2006 में भीमताल झील का पानी पीने योग्य भी नहीं बताया है, भीमताल झील की सफाई एवं गाद-मिट्टी निकासी के लिए उनके द्वारा पूर्व में कई बार मुख्य विकास अधिकारी, जिलाधिकारी, कुमाऊँ आयुक्त, विधायक, सांसद, पर्यटन मंत्री, मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री तक ज्ञापन भेजे गए, लेकिन झील आज भी गाद-मिट्टी निकासी और सफाई के इंतजार में है। कहा कि झील गंदगी से पटी पड़ी है, लेकिन इसपर किसी की नजर नहीं जा रही है।