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नैनीताल:उत्तराखंड हाईकोर्ट शिफ्टिंग की बात करना दर्शाता है उत्तराखंड विरोधी सोच को,अगर हाईकोर्ट शिफ्ट करना ही है तो शिफ्ट करें गैरसैंण में,हम देंगे अधिवक्ताओं के लिए मुफ्त ज़मीन!

editor
  • Kanchan Verma
  • October 19, 2022 06:10 AM
Nainital: Talking about shifting the Uttarakhand High Court shows the anti-Uttarakhand thinking, if the High Court has to be shifted, then shift it to Gairsain, we will give free land for the advocates!

नैनीताल:18/10/2022

उत्तराखंड हाईकोर्ट शिफ्टिंग को लेकर बीते रोज हाईकोर्ट बार एसोशिएसन नैनीताल के हॉल में एक सभा आहूत की गई ये सभा हाईकोर्ट को नैनीताल से अन्यत्र शिफ्ट न करने व नैनीताल में जरूरी जनसुविधाओं व नैनीताल के विकास के लिये हाईकोर्ट बार एसोशिएसन के उपाध्यक्ष प्रशान्त जोशी की अध्यक्षता में आहूत की गयी थी जिसमें वरिष्ट अधिवक्ता पूर्व सांसद महेन्द्र सिंह पाल द्वारा उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री एन.डी. तिवारी को उनके जन्मदिन पर याद किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि विकास पुरुष एन.डी. तिवारी जी द्वारा हरिद्वार एवं ऊधम सिंह नगर में सिडकुल की स्थापना की गयी और अपने सपनों के आधार उन्होंने नैनीताल में उत्तराखण्ड हाई कोर्ट स्थायी रूप से स्थापित किया उन्होंने हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सभागार, लाईब्रेरी और अधिवक्ताओं हेतु चैम्बरों का निर्माण करवाया,उनके द्वारा क्लैबोन कम्पाउण्ड अधिवक्ताओं को देने की घोषणा की और विकास पुरुष एन.डी. तिवारी की सोच के विरूद्ध आज कुछ उत्तराखण्ड विरोधी लोग नैनीताल से हाईकोर्ट शिफ्टिंग की बात कर रहे है।


वही सभा मे मौजूद युवा अधिवक्ता मुकेश रावत ने कहा कि हाईकोर्ट को नैनीताल से शिफ्ट नहीं किया जाना चाहिये। अगर सरकार चाहती है कि हाईकोर्ट नैनीताल से कही और शिफ्ट हो तो इसे गैरसैंण में ही स्थापित किया जाना चाहिये, जिसके लिये उन्होंने घोषणा की कि वह गैरसैण में अधिवक्ताओं के आवास के लिये अपनी जमीन मुफ्त देने को तैयार हैं।


सभा मौजूद अधिवक्ता विनोद तिवाडी ने कहा कि नैनीताल हाईकोर्ट की स्थापना के 22 साल बाद भी प्रवासी उत्तराखण्डी पहाड़ से हाईकोर्ट शिफ्टिंग की बात करते हैं, यह उनकी उत्तराखण्ड विरोधी सोच को दर्शाता है। अधिवक्ता योगश पचोलिया द्वारा कहा गया कि आज भी उत्तराखण्ड के ढ़ाई सौ गाँव आपदा के कारण विस्थापित जीवन जी रहे हैं और सरकार द्वारा उनको बसाने के लिये अभी तक किसी जमीन को चिन्हित नहीं किया गया। अधिवक्ता टी.सी. पाण्ड. देवेश विश्नोई एवं अन्य अधिवक्ता ने सम्बोधित किया।  सभा में अधिवक्ता मयंक पाण्डे, हेमा शाही, नवीन आर्या, अजय बहुगुणा, शक्ति प्रताप सिंह, भुवनेश जोशी नवनीश नेगी, सुहास रतन जोशी, विजयलक्ष्मी फर्तयाल, नवनीश नेगी, गीता परिहार, विजयंत पंत, डी०के० जोशी, बी०एस०कोरंगा, शैलेन्द्र नौरियाल, शिवानन्द भट्ट, के0के0 तिवारी, महावीर कोहली, हिमांशु असवाल, अपूर्व चौहान, त्रिलोचन पाण्डे, एन०के० पपनोई, कैलाश चन्द्र तिवारी, जयवर्धन काण्डपाल, सुहास रतन जोशी, भुवनेश जोशी, योगेश पचौलिया, बी०एस०रावत, प्रेम कौशल, विकास सिंह यादव, मनोज कुमार, अविदित नौलियाल, पंकज सिंह चौहान, गौरव कुमार व अन्य कई अधिवक्ता मौजूद रहे।


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