• Home
  • News
  • Nainital: The councilors opened a front regarding the irregularities prevailing in the municipality! Councilor Rautela submitted resignation to DM, made many serious allegations

नैनीतालः नगर पालिका में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर सभासदों ने खोला मोर्चा! सभासद रौतेला ने डीएम को सौंपा इस्तीफा, लगाए कई गंभीर आरोप

editor
  • Awaaz24x7 Team
  • May 01, 2023 10:05 AM
Nainital: The councilors opened a front regarding the irregularities prevailing in the municipality! Councilor Rautela submitted resignation to DM, made many serious allegations

नैनीताल नगर पालिका में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर आज सभासद कैलाश सिंह रौतेला नगर पालिका नैनीताल ने डीएम को अपना इस्तीफ़ा सौंपा है। उन्होंने इस्तीफ़ा देते हुए कहा कि नगर पालिका नैनीताल एक ऐतिहासिक नगर पालिका है जिसकी अपनी एक बोर्ड प्रणाली है जिसके तहत पालिका मे प्रत्येक पाँच वर्ष पालिका सभासद व अध्यक्ष का चुनाव आम जन मानस के द्वारा किया जाता है । जनता द्वारा चुने हुए सभासदो व अध्यक्ष द्वारा नगर पालिका बायलाज के नियमों से कार्य किये जाते है तथा जनहित कार्यों को किया जाता है यह सारे कार्य बोर्ड बैठक में प्रस्तावित होते है तथा स्वीकृत तथा अस्वीकृत होने पर बोर्ड पुरतिका ( मिनट बुक ) में दर्ज किये जाते है। तथा अधिशासी अधिकारी मिनट बुक में स्वीकृत प्रस्तावों का निर्वाह करवाता है तथा बोर्ड द्वारा पास किये गये प्रस्तावो को पालिका बोर्ड के अतिरिक्त अन्य कोई व्यक्ति आदेश जारी नहीं कर सकता है। किसी विशेष कारणों में ही जिलाधिकारी को यह अधिकार प्राप्त है कि विशेष कारणो में ही जब यह लगे कि बोर्ड प्रस्ताव द्वारा आम जनमानस के व्यापार व स्वाथ्य व दंगो की आंशका हो उस स्थिति में जिलाधिकारी उक्त प्रस्ताव मे सुधारीकरण कर सकते है।

उन्होंने आगे कहा कि नगर पालिका अधिशासी अधिकारी / अध्यक्ष नगरपालिका नैनीताल / सभासदों जो बोर्ड के अभिन्न अंग है यह बोर्ड में पास प्रस्तावों को रोकने का तथा बोर्ड में पास प्रस्तावों का अकेले निर्णय लेने का अधिकार नगर पालिका प्रशासन को नहीं है । यह निर्णय बोर्ड के द्वारा बोर्ड में ही बदला जा सकता है यह भी नियम के अनुसार यह भी जब बोर्ड की बैठक बुलायी गई हो । उन्होंने ये भी कहा कि यह एक छोटी सी रूप रेखा से सब कुछ आपके समक्ष रख रहा हूँ क्योंकि नगर पालिका परिषद में बायलाज के द्वारा पालिका की एक कार्य प्रणाली है। वर्तमान स्थिति में जो पूरी तरह से निरर्थक सिद्ध हो रही है तथा पालिका प्रशासन द्वारा अपने मनमाने ढंग से अनुचित कार्य किये जा रहे है अलग अलग प्रकार के टेडर व पालिका व नजुल सम्पत्ति का आवंटन मनमाने ढंग से बिना बोर्ड की अनुमति से किया जा रहा हैं तथा कुछ टेडरों में तो पालिका प्रशासन का अधिकार क्षेत्र न होने के बावजूद पालिका द्वारा टेडर कर दिये गये हैं उसका सीधा सा उदाहरण वर्तमान फ्लैट पार्किग है जिसकी समय सीमा बोर्ड की अनुमति के बिना बड़ा दी गयी है बोर्ड ने जब इस प्रस्ताव को निरस्त कर मार्च 2023 को नया टेंडर प्रस्ताव पास किया है तो अभी तक डीएसए फ्लैट पार्किंग का टेडंर अभी तक क्यो नही किया गया है।

उन्होंने ये भी कहा कि इस सम्बन्ध में आपको अवगत कराना चहाता हूँ कि बोर्ड की अनुमति के बिना किसी भी टेडर की कार्य सीमा बढ़ाने व घटाने का अधिकार अध्यक्ष व अधिशासी अधिकरी को नहीं होता है यह केवल पूर्ण रूप से बोर्ड में विद्यमान है व्यक्ति विशेष में नहीं ) वर्तमान परिस्थिति को देखकर पता लग रहा है कि नगर पालिका को सभासदो की कोई आवश्यकता नहीं रही वह अपने मनमाने ढंग से बोर्ड के अधिकार व सभासदो के अधिकारो का हनन कर रहे है ।पालिका द्वारा प्रदत सेवधानिक अधिकार का हनन होते हुए देखने से मन बड़ा दुखी होता है। उन्होंने आगे कहा कि मेरे द्वारा दुखी मन से त्याग पत्र दिया जाता है तथा वर्तमान जब हमारे द्वारा यह आवाज उठाई जा रही है तो मुझे पूर्ण विश्वास है कि मेरे क्षेत्र में अब निमार्ण कार्य प्रभावित होगे अब मुझे डर है मेरे क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यों को भी रोका जा सकता है।


संबंधित आलेख: