नैनीताल:बैंड हाउस के पास कभी भी झील में समा सकता है मार्ग!बैरिकेडिंग को फांद कर लोग चिल्ड्रन पार्क में कर रहे है एंट्री,मेन गेट पर अतिक्रमण,खतरे का साइन बोर्ड कहीं नहीं!
नैनीताल की खास पसन्द की जाने वाली जगहों में से एक है बैंड हाउस! पिछले कई दिनों से बैंड हाउस के समीप ज़ूम लैंड की ओर का हिस्सा धंस रहा है जो कभी भी झील में समा सकता है। इस धंसने वाले हिस्से को लेकर आये दिन खबरे प्रकाशित होती है। आवाज़ इंडिया ने भी इस मामले में कई खबरे प्रकाशित की जिसके बाद सिंचाई विभाग और नगर पालिका के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से बैंड स्टैंड क्षेत्र का मौका मुआयना किया था और बैंड स्टैंड से लेकर कैपिटल सिनेमा हॉल तक झील के किनारे का हिस्सा पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया, और टीन लगाकर बैरिकेडिंग कर दी। साथ ही धसे हुए मार्ग के पुर्ननिर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर सम्बंधित विभाग को भी भेजा। लेकिन ये बैरिकेडिंग भी महज खानापूर्ति ही नजर आ रही है क्योंकि ये हिस्सा भले ही नगर पालिका ने प्रतिबंधित कर दिया हो पर चिल्ड्रन पार्क का बैक गेट इसी प्रतिबंधित क्षेत्र से खुलता है। अब क्षतिग्रस्त रास्ते के दोनों छोर में भले ही टीन लगाकर बैरिकेडिंग लगा दी हो लेकिन चिल्ड्रन पार्क में लोग कूदकर इस रास्ते से होकर पार्क के भीतर एंट्री कर रहे है जिनमे बच्चे खासतौर पर देखे जा सकते है।
बच्चों की जान को खतरा है ये जानते हुए भी उनके पैरेंट्स पार्क के अंदर जाने के लिए शॉर्टकट अपनाते हुए उसी रास्ते मे छलांग लगाकर गेट के अंदर बच्चों की एंट्री करवा रहे है,जो नियमो का भी उल्लंघन है।
सबसे अहम बात ये है कि जिस तरह इनदिनों हल्की बारिश में ही डीएसबी रोड, भवाली रोड सहित कई सड़के क्षतिग्रस्त हो गयी है वहाँ बैंड हाउस से ज़ूम लैंड तक का ये हिस्सा पहले से ही धंसता जा रहा है और कभी भी झील में समा सकता है ये जानते हुए भी प्रशासन की ओर से इस क्षेत्र पर नज़र नही रखी जा रही है। अगर नज़र रखी जाती तो यहां लोग कूदकर चिल्ड्रन पार्क के बैक गेट तक नही पहुंचते,और बच्चों की जान पर खेलते हुए पार्क में मौज मस्ती नही करते। चिल्ड्रन पार्क का मेन गेट जिस तरफ है वहां फड़ कारोबारियों ने अतिक्रमण करते हुए पूरे गेट पर अपनी दुकान सजा रखी है।
नगर पालिका प्रशासन की और कुछ लोगो की लापरवाही की वजह से कई लोगो की जान पर खतरा मंडरा रहा है। पालिका की ओर से अब तक इस क्षेत्र में खतरे का साइन बोर्ड नही लगाया गया है।
अब धीरे धीरे बोट हाउस क्लब की ओर जाने वाला रास्ता भी धंसने लगा है जो दूर से देखने मे एक ओर झुका हुआ साफ देखा जा सकता है। जिस जगह पर्यटकों की आवाजाही सबसे ज़्यादा होती है उस जगह खतरा बना हुआ है ये जानते हुए भी प्रशासन का ढुलमुल रवैया अपने आप मे कई सवाल खड़े कर रहा है।