नैनीताल:50 लाख से ज़्यादा की लागत से सौन्दर्यकृत हुए दो खूबसूरत निर्माण पड़े है वीरान!सरकारी पैसे की बर्बादी?लापरवाही,अव्यवस्थाओ,ज़िद और झगड़ों की भेंट चढ़ चुके है ये निर्माण

नैनीताल:16/11/2022
सरोवर नगरी नैनीताल में डीएम धीराज गर्ब्याल की पहल पर शहर में जगह जगह सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। खड़ी बाजार पूरी तरह सौन्दर्यकृत होने के बाद न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि पर्यटकों को भी रिझाने में सफल रही। कुमाउनी शैली में खड़ी बाज़ार की दुकानों के शटर बेहद खूबसूरत दिखाई देते हैं।
मल्लीताल तल्लीताल के रिक्शा स्टैंड ऐसी प्रतीत होने लगे है जैसे मानो लंदन या इटली की कोई जगह हो। डीएम की इस पहल की जहाँ चारो ओर सराहना की गई तो वही अब लाखों की लागत से सौन्दर्यकृत हो चुके दो निर्माण आज लापरवाही और बेकद्री की भेंट चढ़ चुके है। ये दोनों निर्माण आज सरकारी पैसे की बर्बादी को दर्शा रहे है।
ये दो निर्माण बीएम शाह ओपन एयर थियेटर और नई लेक ब्रिज चुंगी है,जहां आज ताले लटके है।
एक सही प्लानिंग न होने के चलते अव्यवस्था के दायरे में गयी तो दूसरी थियेटर आर्टिस्ट्स और नगर पालिका प्रशासन के झगड़े की भेंट चढ़ गई।
19 लाख रुपए खर्च करके बनाई गई नैनीताल की नई लेक ब्रिज चुंगी निर्माण के मात्र 6 दिन बाद ही अपनी पुरानी जगह पर वापस शिफ्ट कर दी गयी थी क्योंकि मॉल रोड में जिस जगह ये नई चुंगी बनाई गई थी वहां रास्ता बेहद संकरा था,निर्माण के बाद भी चुंगी के बेरियर ठीक से काम नही कर पाए थे,जिसकी वजह से शहर में सुबह शाम जाम के झाम में लोग फंसते दिखाई दिए। खुद कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत भी उन दिनों नवनिर्मित चुंगी की वजह से लगे जाम में फंस गए थे जिसके बाद तुरंत उन्होंने चुंगी को वापस पुराने स्थान पर शिफ्ट करवा दिया।
आज नई चुंगी भले ही बेहद खूबसूरत दिखाई देती हो लेकिन 19 लाख रुपये की बर्बादी कहीं न कही प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है ,बिना किसी प्री प्लानिंग के बनाई गई नई चुंगी एक कबूतरखाना बन कर रह गयी है।
वही दूसरी सौन्दर्यकृत जगह बीएम शाह ओपन एयर थियेटर सीजन में पर्यटकों को रिझा रहा थी। डीएम की पहल पर नवनिर्मित ओपन एयर थियेटर आकर्षण का केंद्र बन गया। यहाँ पहली प्रस्तुति कुमाऊं विवि के डीएसबी के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा दी गयी थी जो लगातार तीन से चार दिन तक चली। विभाग की ओर से नांदी थियेटर मुंबई,विक्टोरिम थियेटर, कल्चरल एंड फ़िल्म सोसायटी मुंबई और मंच संस्था नैनीताल के सहयोग से विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गयी थी। स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटकों को भी लहरों के राजहंस,मक्खी और मकड़ी जैसे बेहतरीन नाटक को देखने को मजबूर कर दिया। ओपन एयर थियेटर की मांग सालो से जो कलाकार करते आ रहे थे उनके लिए नया थियेटर किसी तोहफे से कम नही था। इस थिएटर को अल्मोड़ा से लाए गए पत्थरों से बनाया गया।
इसका उद्घाटन सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ,विधायक सरिता आर्य ने किया था। लेकिन कुछ ही समय बाद 13 अक्टूबर को 36 लाख की लागत से बने इस ओपन एयर थियेटर में ताले लगा दिए गए क्योंकि मंच संस्था नैनीताल द्वारा यहाँ कुछ प्रस्तुतियां की जाने वाली थी जिसके बैनर और पोस्टर्स थियेटर के बाहर रैलिंग में लगाये गए थे।
नगर पालिका प्रशासन द्वारा संपत्ति विरूपण एक्ट का हवाला देकर उन बैनर्स और पोस्टर्स को ठीक उसी दिन उखाड़कर फेंक दिया गया जिस दिन मुंबई से कुछ कलाकारों द्वारा थियेटर में कार्यक्रम करवाये जाने थे।
बैनर्स पोस्टर्स को उखाड़ फेंकने से गुस्साए थियेटर आर्टिस्ट्स नगर पालिका पहुंच गए जहां ईओ अशोक वर्मा,नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी और आर्टिस्ट्स के बीच कहासुनी हो गयी। मामले ने तूल पकड़ लिया और नगर पालिका प्रशासन ने बीएम शाह ओपन थियेटर में मोटी लोहे की चेन के साथ बड़े ताले लगा दिए। आज इस सौन्दर्यकृत ओपन एयर थियेटर में कूड़ा करकट बिखरा पड़ा है सुबह से लेकर शाम तक यहाँ आवारा कुत्तों को आराम फरमाते हुए देखा जा सकता है।