नैनीताल/मुक्तेश्वर: ये कैसा न्याय? जिस बस में डीएसबी नैनीताल की छात्राओं के साथ कंडक्टर ने की थी छेड़छाड़! उस बस को कर दिया परिवहन निगम ने बंद, लोगों का फूटा गुस्सा
नैनीताल।29/12/2022
महिला सुरक्षा के दावे करने वाली उत्तराखंड सरकार आज सवालों के घेरे में खड़ी है। महिलाओं के साथ आये दिन छेड़छाड़ के मामले सामने आते रहते है। बीती 3 दिसम्बर शनिवार के दिन परिवहन निगम की नैनीताल मुक्तेश्वर रुट पर चलने वाली एकमात्र बस के परिचालक द्वारा नैनीताल के डीएसबी परिसर की कुछ छात्राओं के साथ ऐसा ही छेड़छाड़ का एक मामला सामने आया था। जिसके बाद डांठ पर मौजूद लोगों ने परिचालक की जमकर पिटाई लगाई थी। मामले में पुलिस ने आरोपी परिचालक के खिलाफ सिर्फ 81 पुलिस एक्ट के तहत चलानी कार्यवाही कर उसे छोड़ दिया था। वही इस पूरी घटना के बाद मुक्तेश्वर नैनीताल रुट पर चलने वाली इस बस को परिवहन निगम द्वारा बंद कर दिया गया,जिसका खामियाजा अब इस रूट से आने जाने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।

इस मामले में जब आवाज़ इंडिया ने उत्तराखंड परिवहन निगम संपर्क करने की कोशिश की तो हेल्पलाइन नंबर और सम्बंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर पर केवल रिंग बजती रही किसी ने फ़ोन नही उठाया।
जिस तरह छात्राओं के साथ परिचालक ने अभद्रता और छेड़छाड़ की थी उसे कानून के हिसाब से सजा देने की बजाय मात्र 81 पुलिस एक्ट के तहत केवल चलानी कार्यवाही कर दी गयी और सजा उन छात्राओं सहित तमाम यात्रियों की दे दी गयी जो प्रतिदिन इस रूट से आते जाते थे। इस रूट की महत्वपूर्ण बस बंद हो जाने से स्थानीय लोगों में परिवहन निगम के प्रति खासा रोष व्याप्त हो गया है,लोगो का कहना है कि ये कैसा न्याय है कि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वाले परिचालक को केवल चालान काट कर छोड़ दिया गया और जिस बस में परिचालक ने छेड़छाड़ की उस बस को ही बंद कर दिया गया है। लोगो का ये भी कहना है कि इस रूट पर चलने वाली ये एकमात्र बस थी इसके बंद हो जाने से अब सभी लोगो को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन विभाग और उत्तराखंड सरकार से अनुरोध है कि इस बस को दोबारा शुरू किया जाए और उस परिचालक को बस से हटाया जाए ताकि सभी महिलाएं और छात्राएं सुरक्षित सफर कर सकें।